
नईदुनिया.इंदौर
सिटी बसों पर विज्ञापन लगाकर एआईसीटीएसएल प्रबंधन अब तक हर महीने चार लाख रुपए की कमाई कर रहा है। मगर कमाई इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। दरअसल, कई सिटी बसें अब तक बिना विज्ञापन के दौड़ रही हैं, साथ ही नई बसों का इंतजार भी लंबा होता जा रहा है। सवाल ये कि एआईसीटीएसएल आखिर अपना ही नुकसान क्यों कर रहा है? इंदौर में सिटी बस चलाने के साथ बस प्रबंधन ने उन पर विज्ञापन लगाकर भी कमाई करने फार्मूला अपना रखा है। बीते सालों में सिटी बस प्रबंधन को बसों पर विज्ञापन से करोड़ों रुपए की आमदनी हुई भी है। मगर उस नुकसान की ओर किसी का ध्यान नहीं है, जो कि बिना विज्ञापन की खाली बसों के कारण हो रहा है। अब बस प्रबंधन बसों की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी में जुटा है। इन बसों के आने से सिटी बस की कमाई भी बढ़ेगी। मगर नई बसों के इंतजार के कारण भी एआईसीटीएसएल की ये कमाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
73 बसें दे रहीं 4 लाख प्रतिमाह
सिटी बस प्रबंधन द्वारा जेएनएनयूआरएम प्रोजेक्ट के तहत खरीदी गई बसों पर विज्ञापन लगाने के लिए कंपनियां भी उत्साहित रहती हैं। अब तक बस प्रबंधन पिछले तीन-चार साल से 73 बसों पर विज्ञापन लगाकर कमाई कर रहा है। इनके विज्ञापन ने एआईसीटीएसएल को हर माह चार लाख रुपए मिल रहे हैं। अब इन बसों पर विज्ञापन लगाने का ठेका भी खत्म होने जा रहा है। हालांकि सिटी बस प्रबंधन अब नई एजेंसी खोज रहा है, लेकिन एजेंसी फाइनल होने में देरी हुई तो भी नुकसान उठाना पड़ेगा।
अब 125 बसें देंगी कमाई
सिटी बस प्रबंधन को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलाने के लिए जल्द ही छोटी सिटी बसें भी मिलने वाली हैं। इन 25 बसों पर भी प्रबंधन विज्ञापन लगाएगा। इसके अलावा 27 अन्य बसें भी खरीदी जाएंगी और इन पर भी विज्ञापन लगाए जाएंगे। पुरानी 73 बसों को शामिल कर अब सिटी बस प्रबंधन कुल 125 बसों पर विज्ञापन लगाएगा। जाहिर है, इससे कंपनी की कमाई बढ़ेगी।
तंबाकू उत्पादों को 'ना'
बस प्रबंधन ने इस बार अल्कोहल और तंबाकू प्रोडक्ट के विज्ञापन नहीं लगाने का फैसला किया है। पहले ऐसी बाध्यता न होने के कारण बसों पर तंबाकू के उत्पादों के विज्ञापन भी दिखाई देते थे।
सिटी बसों पर विज्ञापन से अभी हमें प्रतिमाह चार लाख रुपए की कमाई होती है। इस बार हम बसों की संख्या बढ़ा रहे हैं। पुरानी 73 और आने वाले दिनों में खरीदी जाने वाली छोटी-बड़ी 52 बसों पर विज्ञापन लगाए जाएंगे। फिलहाल एजेंसी के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। बसों की संख्या बढ़ेगी तो इन पर विज्ञापन से आमदनी में भी इजाफा होगा।
-संदीप सोनी, सीईओ, एआईसीटीएसएल