
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में 16 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से तैयार अन्नपूर्णा मेन रोड को रिंग रोड से जोड़ने वाली लिंक रोड अटल पथ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2026 को पहली बार लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम गाया गया। पूरे देश ने इसे गाया।
यह हमारी वंदे मातरम के प्रति आदरांजली है, लेकिन जैसा होता आया है कि कांग्रेस के लोगों को यह समझ नहीं आया। कांग्रेस के नेताओं ने वंदे मातरम गान के वक्त वही व्यवहार किया जो इंदौर नगर निगम में कांग्रेस की दो पार्षदों ने जानबूझकर किया था। कांग्रेस के नेताओं ने न दिल्ली में पूरा वंदे मातरम गाया और न इंदौर में पूरा गाया। उन्होंने वंदे मातरम का अपमान किया है।
गरिमा को ध्वस्त करने का काम किया। कांग्रेस को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने नदियों को जोड़ने का सपना देखा था, लेकिन कांग्रेस ने उसमें अड़ंगा लगाया। नर्मदा को इंदौर लाने की बात हुई थी, तो तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि यह असंभव है, लेकिन यह हुआ। कांग्रेस ने कभी विकास के काम में मदद नहीं की।
अप्रैल 2026 में हुए इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस महिला पार्षद फौजिया अलीम और रुबीना खान पर वंदे मातरम के अपमान और इसे गाने से इन्कार का मामला सामने आया था। पार्षदों के कृत्य का पूरे देश में विरोध हुआ। हाई कोर्ट ने भी इसे लेकर सख्ती दिखाई थी। पुलिस ने मामले में दोनों पार्षदों के विरुद्ध प्रकरण भी दर्ज किया।
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वंदे मातरम हो या जन गण मन, इनका अपमान सहन नहीं किया जा सकता। कानून में अब वंदे मातरम के अपमान करने पर दंडित करने का प्रविधान किया गया है। देश में जब कोई कानून बनता है तो उसका सम्मान होना चाहिए। लोकतांत्रिक देश में सभी चीजों की आजादी है, लेकिन सभी की जिम्मेदारी है कि मर्यादा बनाकर रखें। - डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री