
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर अभिभाषक संघ के 25 जून को होने वाले चुनाव के लिए आचार संहिता लागू कर दी गई है। इसके बाद अब प्रत्याशी कोर्ट परिसर में अपने समर्थन में पोस्टर और बैनर नहीं लगा सकेंगे। इसके साथ ही मतदान की अपील करने वाले कार्ड और पंपलेट बांटने पर भी रोक लगा दी गई है।
चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है
चुनाव समिति ने स्पष्ट किया है कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। ऐसे में इस बार चुनाव प्रचार मुख्य रूप से व्यक्तिगत संपर्क और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से ही किया जा सकेगा।
11 जून से नामांकन फार्म मिलना शुरू हो जाएंगे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी विमल मिश्रा ने बताया कि 11 जून से नामांकन फार्म मिलना शुरू हो जाएंगे। अध्यक्ष और सचिव पद के लिए नामांकन शुल्क 18 हजार रुपये रखा गया है। उपाध्यक्ष पद के लिए 16 हजार रुपये, जबकि कोषाध्यक्ष और सहसचिव पद के लिए 14 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए नामांकन शुल्क 9 हजार रुपये रहेगा।
सख्ती बरती जाएगी
सहायक निर्वाचन अधिकारी संजय मेहरा ने बताया कि आचार संहिता के पालन को लेकर इस बार अतिरिक्त सख्ती बरती जाएगी। प्रत्याशियों के समर्थन में पोस्टर, बैनर, पंपलेट और कार्ड पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि पहले प्रत्याशी व्यक्तिगत संपर्क के दौरान मतदाताओं को कार्ड और पंपलेट वितरित करते थे, जिनमें घोषणाएं, आश्वासन और मतदान की अपील होती थी। लेकिन इस बार ऐसे प्रचार सामग्री के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब प्रत्याशी केवल व्यक्तिगत संपर्क और इंटरनेट मीडिया के जरिए ही प्रचार कर सकेंगे।
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