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आंखों का सामान्य संक्रमण रेजिस्टेंस आई फ्लू में हो रहा तब्दील, हर 10 में से 2 मामलों में हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंच रहे मरीज

मौसम में बदलाव के साथ ही आंखों का संक्रमण होना एक सामान्य बात है। मानसून की विदाई होते-होते सामान्य आई फ्लू के मामले सामने आने लगते हैं, लेकिन इस बार ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 06:30:42 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 06:31:14 PM (IST)
आंखों का सामान्य संक्रमण रेजिस्टेंस आई फ्लू में हो रहा तब्दील, हर 10 में से 2 मामलों में हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंच रहे मरीज
आंखों का सामान्य संक्रमण रेजिस्टेंस आई फ्लू में हो रहा तब्दील। (एआई इमेज)

HighLights

  1. मौसम में बदलाव के साथ ही आंखों का संक्रमण होना एक सामान्य बात है
  2. ऐसे मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं जिन्हें रेजिस्टेंस आई फ्लू हो गया है
  3. खुद से ही दवाएं लेकर इलाज करना मरीजों को भारी पड़ रहा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मौसम में बदलाव के साथ ही आंखों का संक्रमण होना एक सामान्य बात है। मानसून की विदाई होते-होते सामान्य आई फ्लू के मामले सामने आने लगते हैं, लेकिन इस बार आंखों के संक्रमण के ऐसे मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं जिन्हें रेजिस्टेंस आई फ्लू हो गया है।

दरअसल, बिना चिकित्सकीय सलाह लिए खुद से ही दवाएं लेकर इलाज करना मरीजों को भारी पड़ रहा है। इसके चलते वायरस में प्रतिरोध क्षमता बढ़ रही है और अब सामान्य मेडिकेशन से इन्फेक्शन ठीक नहीं हो रहा है। यही वजह है कि सरकारी अस्पतालों में हर दस में से दो से तीन मरीज रेजिस्टेंस आई फ्लू के मिल रहे हैं।


एमवाय अस्पताल के नेेत्र विभाग की ओपीडी में रोजाना लगभग 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 15 प्रतिशत मरीज रेजिस्टेंस आई फ्लू के बाद आ रहे हैं। खुद से मेडिकेशन लेने के बाद ये मरीज काफी खराब हालत में इलाज कराने आ रहे हैं। ऐसे में सामान्य दवाओं से इनका इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। इन्हें मल्टीपल मेडिकेशन देना पड़ रहा है और इन्हें ठीक होने में 15 से 20 दिन तक का वक्त लग रहा है।

एलर्जी की वजह से बढ़ रहा संक्रमण

मौसम में धूल बढ़ने के बाद एलर्जी की वजह से आंखों का संक्रमण भी बढ़ा है। इसके चलते आंखों में लालपन होना, खुजली होना जैसी समस्याएं लेकर भी लोग अस्पताल में पहुंच रहे हैं। नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादा स्टेरायड के सेवन की वजह से मोतियाबिंद, कांचबिंद जैसी समस्याओं के मरीज भी इन दिनों ओपीडी में आ रहे हैं।

डायबिटीज के मरीज 70 प्रतिशत तक

एमवाय के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से 60 प्रतिशत तक मरीज डायबिटीज से पीड़ित हैं। यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। शुगर की वजह से आंख के पर्दे पर असर होता है। इसके साथ ही पर्दे पर सूजन, पर्दे का सरकना और हेमरेज जैसी स्थिति के मरीज भी पहुंच रहे हैं।

रेजिस्टेंस आई फ्लू के मामलों में भी वृद्धि हुई है

इन दिनों रेजिस्टेंस आई फ्लू के मामलों में भी वृद्धि हुई है। हर 10 में से दो से तीन मरीज गंभीर संक्रमण लेकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इन्हें मल्टीपल मेडिकेशन देना पड़ रहा है और ठीक होने में इन्हें 15 से 20 दिन तक लग रहे हैं। - डॉ. प्रीति रावत, विभाग प्रमुख, नेत्र रोग विभाग, एमवायएच

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