
कपीश दुबे, इंदौर। वक्त कब कैसी करवट ले ले, किसी को अंदाजा नहीं होता। कभी इंदौर के क्रिकेट क्लब संचालक अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को छोटी-मोटी सहायता दिलाने के लिए खेल सामग्री निर्माता कंपनियों के चक्कर काटते थे। इनमें आइपीएल खेले वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। आइपीएल में वेंकटेश और आवेश खान के तूफानी प्रदर्शन के बाद अब वही कंपनियां अनुबंध के लिए आतुर हैं। इसका फायदा यह हुआ कि मप्र के लिए रणजी नहीं खेले खिलाड़ी भी अनुबंध पा गए।
इंदौर के महाराजा यशवंत राव क्रिकेट क्लब (एमवायसीसी) के कोच दिनेश शर्मा बताते हैं, क्रिकेट का सामान बहुत महंगा आता है। मैं प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अनुबंध दिलाने के लिए कंपनियों से प्रयास करता था। सभी को बताया कि वेंकटेश बहुत प्रतिभाशाली है, बड़ा सितारा बनेगा। कुछ ने मना किया तो कुछ ने अनुबंध तो किया, लेकिन खुलकर साथ नहीं दिया। तब किसी ने सोचा नहीं था कि वह इतना बड़ा क्रिकेटर बन जाएगा। जैसे ही वेंकटेश ने आइपीएल और उसके बाद भारतीय टीम के लिए जोरदार प्रदर्शन किया तो कंपनियों को भूल का अहसास हुआ। तब अनुबंधित करते तो फायदे का सौदा रहता। अब बहुत सी कंपनियां वेंकटेश से अनुबंध को लालयित हैं। सभी के प्रस्ताव आने लगे। हमने उस कंपनी को साथ जोड़ा है जिसने शुरुआती दौर में मदद की थी। यह खुशी की बात है कि अब खिलाड़ियों का भला होगा। कई अन्य खिलाड़ियों से भी चर्चा चल रही है।
अन्य खिलाड़ियों को मिला फायदा
कोच दिनेश शर्मा बताते हैं कि वेंकटेश की सफलता के बाद अब कंपनियां इंदौर के अन्य प्रतिभाशाली युवाओं से पहले ही अनुबंध करने लगी हैं। रणजी खेलने वाले खिलाड़ियों को तो अनुबंध मिल जाते हैं, लेकिन ऐसे खिलाड़ियों से भी अनुबंध हुए हैं जिन्होंने अभी तक रणजी मैच नहीं खेले हैं। अभी एमवायसीसी के दो खिलाड़ियों सिद्धार्थ पाटीदार और कुलदीप गेही से अनुबंध हुआ है। दोनों ने रणजी पदार्पण नहीं किया है।
सिद्धार्थ पाटीदार
ओपनर बल्लेबाज और विकेटकीपर सिद्धार्थ अभी विजय हजारे (वन-डे) टूर्नामेंट में खेल रहे हैं। उनके साथ डीएससी कंपनी ने अनुबंध किया है। इसी कंपनी का सामान डेविड वार्नर इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बल्ला और किट तो मिलेगी ही, यदि आइपीएल खेले तो प्रति मैच 25 हजार रुपये भी कंपनी देगी। यह अनुबंध दो साल का है।
कुलदीप गेही
मध्यक्रम बल्लेबाज और विकेटकीपर कुलदीप के साथ एसएफ कंपनी ने दो साल का अनुबंध किया है। यह भी खेल सामान बनाने वाली बड़ी कंपनी है। अनुबंध दो साल का है।
80 हजार का एक बल्ला, दो लाख की किट
क्रिकेट का सामान बहुत महंगा आता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए बेहतर क्वालिटी का सामान लगता है। दिनेश शर्मा ने कहा कि वेंकटेश को एसएस कंपनी ने जो बल्ला दिया है, वह करीब 80 हजार रुपये का आता है। सामान्य बल्ले भी अब 40 हजार से ज्यादा के आते हैं। इसके अलावा हेलमेट, पेड्स सहित पूरी किट दो लाख रुपये तक की पड़ती है।