Health Tips: इंदौर, नईदुुनिया प्रतिनिधि। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए विटामिन डी, विटामिन सी और जिंक बेहद जरूरी है। यह तीनों ही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। विटामिन डी रोग प्रतिरोधक क्षमता की हर क्रिया में शामिल होता है। किसी भी बीमारी के बढ़ने के बाद उसे कम करने में विटामिन डी इसे कम करने में मदद करता है। यह शरीर के अंदर हुई क्षति को खत्म करता है। अगर आपके अंदर विटामिन डी की कमी है तो समस्या लंबे समय तक रहेगी।

विटामिन सी सफेद रक्तकण को क्रियाशील बनाता है। बिना विटामिन सी के सफेद रक्त कण कम गतिशील होते हैं। विटामिन सी लेने से आपकी बीमारी जल्दी ठीक होती है। जिंक भी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिंक के बिना आपकी थाइमस ग्लैंड सिकुड़ने लगती है। जिंक के बिना श्वेत रक्त कण का निर्माण नहीं हो पाता। शरीर में किसी तरह का संक्रमण होता है तो जिंक, विटामिन सी और विटामिन डी मिलकर डैमेज को रोकते हैं। विटामिन सी और जिंक हमें आहार से ही प्राप्त हो जाता है इसलिए प्रतिदिन नींबू, आंवला, टमाटर का सेवन करना चाहिए।

विटामिन सी का प्रतिदिन सेवन इसलिए करना चाहिए क्योंकि वह शरीर में स्थायी नहीं रहता। यदि आप सब्जी-दाल में नींबू डालकर खा रहे हैं तो उसे तब ही डालें जब आप आहार थाली में परोस लें। यदि नींबू का रस डालकर उबाल लें तो विटामिन सी खत्म हो जाता है। आंवले का विटामिन सी हमेशा रहता है। इसका सेवन किसी भी तरह से किया जा सकता है। विटामिन डी हमें धूप से प्राप्त होता है इसलिए सुबह की धूप में जरूर बैठें। विटामिन डी हड्डी के लिए भी बहुत जरूरी है। इन बातों के अलावा यह ध्यान रखें कि शकर का सेवन नहीं करें। शकर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है।

Posted By: Sameer Deshpande

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