
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वार्ड 24 से पार्षद जीतू यादव की महापौर परिषद (एमआईसी) में वापसी हो गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को अमेरिका रवाना होने से पहले इस संबंध में पत्र जारी कर दिया। पत्र जारी होते ही नगर निगम और भाजपा गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। इधर पार्षद जीतू यादव को एमआईसी में लेने के विरोध में पार्षद कमलेश कालरा राजबाड़ा पर मौन धरना देने पहुंचे।
जीतू यादव को भाजपा के एक अन्य पार्षद कमलेश कालरा के नाबालिग बेटे के साथ घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता के मामले में नाम सामने आने के बाद पार्टी से बाहर कर दिया गया था। इसके साथ ही उनकी एमआईसी भी छीन ली गई थी। यादव करीब 18 महीने तक पार्टी से बाहर रहे।
इस पूरे मामले में पुलिस ने कोर्ट में पेश पूरक चालान में जीतू यादव को क्लीन चिट दे दी। चालान में कहा गया कि घटना में यादव की संलिप्तता के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता। पुलिस रिपोर्ट के बाद भाजपा संगठन ने भी यादव का 'वनवास' खत्म करते हुए उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया था।
पार्टी में वापसी के बाद से ही उनके एमआईसी लौटने की चर्चा चल रही थी। इसे लेकर भाजपा के भीतर विरोध के स्वर भी उठे, लेकिन अंतत: संगठन ने उनकी वापसी पर मुहर लगा दी। सूत्रों के अनुसार, यादव को लेकर कुछ नेता और विधायक भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मिले थे। इन नेताओं ने यादव के खिलाफ हुई शिकायत और पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा। संगठन के सामने मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही जीतू की वापसी का रास्ता साफ हुआ।
जनवरी 2025 में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर हुए हंगामे और नाबालिग बेटे के साथ मारपीट के बाद जीतू यादव का नाम विवाद में आया था। इसके बाद संगठन ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। करीब 18 महीने बाद पुलिस जांच में राहत मिलने और पार्टी में वापसी के बाद अब उन्हें फिर से एमआइसी में जगह मिली है।
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