
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नाबालिग बच्चियों से यौन शोषण मामले में आरोपित प्यारे मियां के खिलाफ इंदौर के विशेष न्यायालय में चल रहे प्रकरणों में न्यायालय ने जांच अधिकारी के प्रति नाराजगी जताई है। कोर्ट ने जांच अधिकारी को नोटिस जारी कर कहा है कि वे गवाहों की न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करें। प्रकरण में अब तक पीड़ित बच्चियों के बयान ही नहीं हुए हैं जबकि उसके माता-पिता के बयान अधूरे हैं। उनका प्रतिपरीक्षण होना था लेकिन प्यारे मियां के वकील ने इसके लिए समय मांग लिया। कोर्ट ने अंतिम अवसर देते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी। प्यारे मियां के खिलाफ इंदौर में तीन प्रकरण दर्ज हैं। इन तीनों में सुनवाई एक साथ चल रही है।
गौरलतब है कि 12 जुलाई 2020 को भोपाल पुलिस को सड़क पर कुछ नाबालिग लड़कियां मिली थीं। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि प्यारे मियां ने उन्हें काम दिलाने के बहाने बुलाया और बाद में वह उनसे दुष्कर्म करने लगा। यह मामला सामने आने के बाद धीरे-धीरे पुलिस तक कई शिकायतें पहुंचीं। करीब दो वर्ष पहले भोपाल के कोहेफिजा पुलिस थाने में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में प्यारे मियां के खिलाफ नाबालिग लड़कियों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके अलावा प्यारे मियां के खिलाफ इंदौर में भी दुष्कर्म, आर्म्स एक्ट धोखाधड़ी आदि धाराओं में तीन केस दर्ज हुए। इन प्रकरणों में प्यारे के खिलाफ न्यायालय आरोप तय कर चुका है। अब अभियोजन को अपने गवाहों के बयान दर्ज करवाने हैं।
जांच अधिकारी को दिया नोटिस - हाल ही में इन मामलों में इंदौर के विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई। अभियोजन की तरफ से गवाहों के बयान दर्ज करवाने के लिए समय मांगा गया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जांच अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया। इसमें जांच अधिकारी से कहा है कि प्रकरण की सुनवाई लगातार टल रही है। जांच अधिकारी गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि सुनवाई निर्बाध रूप से हो सके। गौरतलब है कि भोपाल न्यायालय प्यारे मियां को नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में उम्र कैद और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुना चुका है।