DAVV Indore: डीएवीवी के दायरे में आने वाले कालेजों की एक लाख सीटें अभी खाली, जानें कैसे मिलेगा दाखिला
DAVV Indore: डीएवीवी में पारंपरिक पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) का दूसरा चरण घोषित कर दिया है। स्नातक पाठ्यक्रमों में एक लाख से अधिक सीटें अभी भी खाली हैं। इसमें प्रवेश के लिए दो चरणों में काउंसलिंग होना बाकी है।
Publish Date: Tue, 15 Jul 2025 08:17:54 AM (IST)
Updated Date: Tue, 15 Jul 2025 08:17:54 AM (IST)
डीएवीवी के दायरे में आने वाले कालेजों में सीटें खाली (फाइल फोटो)HighLights
- देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सीएलसी के लिए दूसरे चरण की घोषणा की गई।
- 16 जुलाई से रोजाना प्रवेश पोर्टल पर कॉलेजों की रिक्त सीटें जारी होंगी।
- रिक्त सीटों के आधार पर विद्यार्थी उपस्थित होकर दाखिला करवा सकते हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: डीएवीवी में पारंपरिक पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) का दूसरा चरण घोषित कर दिया है। इसके अंतर्गत स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। 16 से 31 जुलाई के बीच विद्यार्थियों को पसंदीदा पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, 16 जुलाई से रोजाना प्रवेश पोर्टल पर कॉलेजों की रिक्त सीटें जारी होंगी। उसके आधार पर विद्यार्थियों को सीधे कॉलेज में उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त करना होगा। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर तीन बजे से विद्यार्थी पंजीयन कर सकेंगे और च्वाइस फिलिंग करनी होगी। सीटें आवंटित होने के बाद विद्यार्थियों को फीस जमा करनी होगी।
प्रदेशभर के 1386 सरकारी और निजी कॉलेजों में 8 लाख से अधिक स्नातक और 3 लाख 25 हजार स्नातकोत्तर की सीटें हैं। विभाग ने मई से ऑनलाइन काउंसिलिंग शुरू की थी, जिसमें दो ऑनलाइन और एक सीएलसी चरण पूरा हो चुका है। बीए, बीकॉम, बीएससी सहित अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में कुल 3 लाख 5 हजार विद्यार्थियों को प्रवेश मिल चुका है।
वहीं, स्नातकोत्तर में प्रवेश को लेकर स्थिति थोड़ी खराब है, क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग लगातार पीजी में प्रवेश नियम बदल रहा है। अभी तक एमए, एमकॉम, एमएससी सहित अन्य पीजी पाठ्यक्रमों में 1 लाख 48 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
प्रदेशभर में ऐसे 25 हजार छात्र हैं जो विषय बदलकर स्नातकोत्तर करना चाहते हैं। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 948 तक पहुंच गई है। अब इनके लिए 16 और 17 जुलाई को साक्षात्कार रखे गए हैं। इसके बाद 21 जुलाई को विद्यार्थियों को सीट अलॉटमेंट किया जाएगा।
शिक्षाविद आशीष तिवारी और डॉ. कविता कासलीवाल का कहना है कि 2025-26 सत्र में प्रवेश प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। डीएवीवी के अंतर्गत संचालित स्नातक पाठ्यक्रमों में एक लाख से अधिक सीटें अभी भी खाली हैं। इन पर प्रवेश के लिए अभी दो और चरणों में काउंसिलिंग होना बाकी है।