
DAVV Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने जनवरी से मई के बीच वार्षिक-सेमेस्टर परीक्षाएं करवाई, जिसमें 700 से अधिक छात्र-छात्राओं पर नकल का प्रकरण बना। महीनेभर जांच करने के बाद नकल समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसके आधार पर करीब 208 नकलचियों की पूरी परीक्षा रद कर दी गई। इनमें वार्षिक और सेमेस्टर वाले दोनों विद्यार्थी शामिल है जबकि 160 विद्यार्थियों का सिर्फ एक-एक पेपर निरस्त किया है। वहीं कुछ छात्रा-छात्राओं को चेतावनी देकर छोड़ दिया है। हालांकि अभी कुछ प्रकरणों में जांच होना बाकी है।
कोरोना के चलते दो साल बाद विश्वविद्यालय ने जनवरी से आफलाइन परीक्षा रखी थीं। पांच महीनों में बीसीए, बीबीए, एमए, एमकाम, एमएससी, एलएलबी, बीएएलएलबी, बीकामएलएलबी, बीएड-एमएड की सेमेस्टर, बीए, बीकाम, बीएससी की द्वितीय और अंतिम वर्ष की परीक्षा करवाई गई है। सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए अधिकांश छात्र-छात्राओं के पास गाइड-किताबों के पन्नों, चिट और रोल नंबर के पीछे उत्तर लिखे मिले हैं। उड़नदस्ते के अलावा परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी कर रहे शिक्षकों ने भी नकलचियों को पकड़ा। 20 मई को नकल समिति को लगभग 700 प्रकरण सौंपे गए थे। नकल सामग्री का अवलोकन करने के बाद समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसके बाद विश्वविद्यालय ने 208 विद्यार्थियों की पूरी परीक्षा और 160 का एक-एक पेपर का रद कर दिया है।
करीब 200 प्रकरणों की जांच बाकी - सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए विद्यार्थियों की कापी से नकल सामग्री का मिलान किया गया, जिसमें 80-90 फीसद नकल होना पाया। समिति ने इनकी पूरी परीक्षा रद करने की सिफारिश की थी। इसकी अधिकारियों ने सहमति दी, जबकि जिन विद्यार्थियों का एक-एक पेपर निरस्त किया है, उनकी दोनों कापियों का मिलान किया है, जिसमें 40 फीसद तक नकल होना सामने आया है। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि अभी 150-200 प्रकरणों की जांच होना बाकी है। समिति इसकी रिपोर्ट कुछ सप्ताह में देगी। जिन विद्यार्थियों की पूरी परीक्षा रद की गई है। वे अगले सत्र में परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होंगे।