यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
DAVV Indore: मूक्स पाठ्यक्रम की परीक्षा करवाएगा विश्वविद्यालय
DAVV Indore: जुलाई से यह व्यवस्था देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में लागू हो सकती है। सीईसी के मुताबिक अभी इन पाठ्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा करवा...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 27 Mar 2024 11:56:51 AM (IST)Updated Date: Wed, 27 Mar 2024 11:56:51 AM (IST)
देवी अहिल्या विविHighLights
- जुलाई से यह व्यवस्था देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में लागू हो सकती है।
- सीईसी के मुताबिक अभी इन पाठ्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा करवाई जाती है।
DAVV Indore: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के स्वयं पोर्टल से संचालित मैसिव ओपन आनलाइन कोर्स (मूक्स) की आफलाइन परीक्षा करवाई जा सकेगी। यह विश्वविद्यालय व आटोनामस संस्थान स्तर पर आयोजित होगी। जुलाई से यह व्यवस्था देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में लागू हो सकती है। सीईसी के मुताबिक अभी इन पाठ्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा करवाई जाती है। इसकी जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को दे रखी है। सभी कोर्स की एक साथ परीक्षा होने से कई विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन्हें क्रेडिट पाइंट का लाभ नहीं मिल पाता है।
बीते दिनों कंसोर्टियम फार एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) और यूजीसी अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। मुद्दा यह उठा कि जिन कोर्स में क्रेडिट पाइंट दिए जाते हैं, उनकी
परीक्षा काफी देरी से होती है। इसके चलते ये क्रेडिट पाइंट विद्यार्थियों की अंकसूची में नहीं जुड़ते हैं। मंथन करने के बाद अधिकारियों ने निर्णय लिया कि आनलाइन और आफलाइन दोनों प्रारूप में परीक्षा करवाई जाएगी। आफलाइन परीक्षा करवाने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय को देंगे।
निदेशक डा. जगत भूषण नड्डा का कहना है कि मूक्स से संचालित कोर्स में 60 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। मगर महज 20 लाख छात्र-छात्राएं एनटीए के माध्यम से परीक्षा देते हैं। अब जुलाई में मूक्स कोर्स के लिए नामांकित छात्र अब विश्वविद्यालय स्तर पर पेन-एंड-पेपर प्रारूप में भी परीक्षा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि एनटीए प्रति पेपर लगभग 600 रुपये शुल्क लेता है, विश्वविद्यालय एमओसीसी कोर्स के लिए मुफ्त में परीक्षा आयोजित करेगा।
नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2035 तक
सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को मौजूदा 27 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। वे कहते हैं कि देश में लगभग 1200 विश्वविद्यालय और 45000 कालेज हैं। जीईआर को दोगुना करने के लिए सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि विश्वविद्यालय और कालेज भी अगले 11 वर्षों में दोगुना हो जाएं, जो करना असंभव है। इसलिए, डिजिटल शिक्षा ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
डिजिटल यूनिवर्सिटी करेंगे स्थापित
डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित होने के बाद ही डिजिटल मोड में डिग्री पाठ्यक्रम पेश किए जा सकते हैं। हमने आठ संकाय में डिजिटल डिग्री पाठ्यक्रमों तैयार किया है। नौ और पाठ्यक्रमों में ई-कंटेंट विकसित करने का काम चल रहा है। अगले दो साल के भीतर डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू हो सकेंगी।