नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रतलाम मंडल के इंदौर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से जुड़ी कई सुविधाएं हैं। तीन साल पहले स्टेशन पर दृष्टिहीन यात्रियों की सहूलियत के लिए पूरे स्टेशन जगह-जगह ब्रेललिपि में जानकारी अंकित की गई थी। इसके साथ पूरे स्टेशन का ब्रेललिपि मैप भी तैयार किया गया था, लेकिन इस सुविधा का प्रचार-प्रसार नहीं होने से स्टेशन आने वाले दृष्टिहीन यात्रियों को जानकारी नहीं मिल पाती है, जो मैप तैयार किया गया, उसे भी ऐसी जगह रखा गया है, जहां दृष्टिहीन यात्री पहुंच नहीं पाता है।
स्टेशन पर 2021 में सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) के तहत निजी कंपनी ने पूरे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सेवाओं से जुड़े, कार्यालय, टिकट काउंटर, पैदल पुल की रेलिंग, एस्केलेटर, प्याऊ, पे एंड यूज आदि सभी जगहों पर ब्रेललिपि में जानकारी अंकित की थी। इसके साथ ही जगह-जगह पर क्यूआर कोड भी लगाए गए थे। दोनों बुकिंग काउंटर पर स्टेशन का ब्रेललिपि मैप भी लगाया गया था।
शुरुआत में इस सुविधा के प्रचार के लिए स्टेशन पर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई थी। इसमें दृष्टिहीन संस्था ने हिस्सा लिया था। लेकिन इसके बाद रेलवे ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। यहां आने वाले दृष्टिहीन यात्री को इस सुविधा की जानकारी ही नहीं होती है। हालांकि रेलवे स्टेशन पर दृष्टिहीन यात्री काफी कम संख्या में अकेले पहुंचते हैं।
कंपनी द्वारा यहां पर दोनों बुकिंग कार्यालय में स्टेशन का ब्रेललिपि मैप भी लगाया गया था। कुछ समय बाद ही प्लेटफार्म-4 पर लगा मैप असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया। वहीं प्लेटफार्म-1 पर लगे मैप को एक कोने में रख दिया गया है, जहां तक दृष्टिहीन यात्री पहुंच हीं नहीं पाता है।
पूरे स्टेशन पर कई जगह क्यूआर कोड भी लगाए गए थे। इस कोड को स्कैन करने पर मोबाइल पर यू-ट्यूब पर एक वीडियो प्ले होता है, जिसमें वाइस के माध्यम से स्टेशन का मैप गाइड किया जाता था, लेकिन यह क्यूआर कोड भी हटा लिए गए हैं।
दृष्टिहीन यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। ब्रेललिपि मैप को उचित जगह पर रखा जा रहा है। - खेमराज मीणा पीआरओ, रतलाम मंडल