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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Disaster Rain In MP: किसानों के सपने बर्बाद होने का खतरा, सोयाबीन की खड़ी या कटकर खेतों में पड़ी फसल पर संकट

मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मानसून की बारिश से सोयाबीन फसल संकट में है। किसानों का दावा है कि बारिश से फसल को 20-30% नुकसान हुआ है, दानों में काला दाग लग...और पढ़ें

By Anurag MishraEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 27 Sep 2024 09:02:14 PM (IST)Updated Date: Fri, 27 Sep 2024 09:02:14 PM (IST)
Disaster Rain In MP: किसानों के सपने बर्बाद होने का खतरा, सोयाबीन की खड़ी या कटकर खेतों में पड़ी फसल पर संकट
सोयाबीन की फसल पर संकट।

HighLights

  1. दानों में काला दाग लगने की आशंका बढ़ गई।
  2. अन्य फसलों जैसे मक्का, कपास पर भी संकट है।
  3. किसानों का दावा- फसल को 20% नुकसान हुआ है।

नईदुनिया, मालवा-निमाड़। देश के सबसे बड़े सोयाबीन बेल्ट मालवा-निमाड़ में सोयाबीन की फसल खतरे में है। यह मानसून में हो रही बारिश के कारण पैदा हुआ है। फसल इन दिनों या तो खेतों में खड़ी है या कटने के बाद खलिहान में है। कई जगह तो खेतों में ही सूखने के लिए सोयाबीन की ढेरियां रखी हुई हैं। ऐसे में इन दिनों हो रही बारिश से किसानों परेशान हैं।

किसानों का दावा है कि रुक-रुककर हो रही बारिश से फसल को करीब 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। फसल अभी खेत में खड़ी है, उसके दानों में काला दाग लगने की आशंका भी है। खंडवा जिले में दो लाख हेक्टेयर सोयाबीन में कुछ किस्म में पहले ही अफलन की स्थिति थी। अब जैसे-तैसे उगी फसल पर भी बारिश से संकट है। 20 से 30 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित हुआ है। देवास जिले में लगभग 3.45 लाख हेक्टेयर सोयाबीन रकबा है। यहां कीट व्याधि, अफलन की स्थिति के बाद मानसून ने स्थिति और बिगाड़ दी है।


इस सोयाबीन को हुआ बड़ा नुकसान

यशवंतनगर खेड़ा के उन्नत किसान जीवन सिंह पवार ने बताया कि कम अवधि वाली सोयाबीन की किस्मों में काफी नुकसान की आशंका है।

पानी में डूब गई फसल

शाजापुर जिले में दो दिनों से हुई बारिश के कारण कटाई बंद है। कही-कहीं तो खेतों में कटी रखी फसल बह गई है। बेहरावल के किसान गिरीश पाटीदार, रामचंद्र पटेल, ठाकुर प्रसाद ने बताया कि सोयाबीन काली पड़ने लगी है। 20 से 25 फीसदी उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। झाबुआ जिले में पककर तैयार फसलों को नुकसान की आशंका है, वहीं रतलाम जिले में तेज बारिश से खेतों में काटकर रखी सोयाबीन बह रही है।

खेतलपुर के किसान गोपाल धाकड़ के अनुसार पकी सोयाबीन पानी लगने से दागी हो जाती है और बेचने पर इसके भाव निम्न स्तर के मिलते हैं। निमाड़ अंचल में मक्का, कपास, मिर्च पर भी संकटखरगोन जिले में सोयाबीन का रकबा 85 हजार हेक्टेयर है। तेज बारिश और खेतों में पानी जमाव के कारण सोयाबीन पांच प्रतिशत और मक्का, कपास व मिर्च सात प्रतिशत खराब हुई है।

धार जिले में तीन लाख 15 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी हुई है। राजगढ़ क्षेत्र के दंतोली ग्राम में 50 प्रतिशत फसल पर दाग लग गया है। जिले में औसतन 15-20 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। मंदसौर जिले में फसल कटाई का दौर चल रहा है। दो दिनों से जिले में बारिश से खड़ी फसल संकट में है।