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इंदौर में डबल डेकर फ्लाईओवर का काम तेज, हवा में असेंबल हुआ 400 टन वजनी 'बो स्ट्रिंग', अब जेक पुश तकनीक से होगी शिफ्टिंग

शहर के सबसे ऊंचे डबल डेकर फ्लाईओवर के 65 मीटर लंबे स्पान पर बो स्ट्रिंग (गर्डर) को पूल प्रक्रिया से रख दिया गया है। अब एक पखवाड़े में 400 टन वजनी बो स...और पढ़ें

By prem jatEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 28 Mar 2026 06:03:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Mar 2026 06:03:03 PM (IST)
इंदौर में डबल डेकर फ्लाईओवर का काम तेज, हवा में असेंबल हुआ 400 टन वजनी 'बो स्ट्रिंग', अब जेक पुश तकनीक से होगी शिफ्टिंग
लवकुश चौराहे पर दूसरी बो स्ट्रिंग का काम अगले हफ्ते।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के सबसे ऊंचे डबल डेकर फ्लाईओवर के 65 मीटर लंबे स्पान पर बो स्ट्रिंग (गर्डर) को पूल प्रक्रिया से रख दिया गया है। अब एक पखवाड़े में 400 टन वजनी बो स्ट्रिंग को दूसरी भुजा पर रखा जाएगा। यह कार्य जेक पुश प्रक्रिया के माध्यम से होगा और धीरे-धीरे इसको जेक की सहायता से दूसरी भुजा पर ले जाया जाएगा। वहीं दूसरी बो स्ट्रिंग के असेंबल की प्रक्रिया भी अगले सप्ताह से शुरू होगी, जिसको एक माह में पूरा किया जाएगा।

ऊपर ही किया गया बो स्ट्रिंग का असेंबल कार्य

इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) द्वारा लवकुश चौराहा पर 1452 मीटर लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसके मुख्य चौराहे पर 65 मीटर लंबी बो स्ट्रिंग को रखा गया है। नीचे मेट्रो और एमआर-10-सुपर कॉरिडोर फ्लाईओवर होने से बो स्ट्रिंग को नीचे-ऊपर पहुंचाना आसान नहीं था, इसलिए बो स्ट्रिंग को ऊपर ही असेंबल किया गया।


12 घंटे की जटिल प्रक्रिया और यातायात सुरक्षा

पूरी बो स्ट्रिंग असेंबल होने के बाद इसको पूल कर बो स्ट्रिंग्स पर रखा गया। यह गर्डर 23 मीटर ऊंचाई पर सफलतापूर्वक रखी गई। करीब 12 घंटे की प्रक्रिया के बाद बो स्ट्रिंग को स्पान पर रखा गया। गर्डर को पूल करने में पांच घंटे का समय लगा और इसके लिए तीन विंच मशीन का उपयोग किया गया। दो विंच मशीन खींचने और एक पीछे से रोकने के लिए लगाई गई थी। बो स्ट्रिंग को लांच करने के लिए नीचे से यातायात पूरी तरह से बंद किया गया, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।

आगामी चरण और भारी क्रेन का उपयोग

आइडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि बो स्ट्रिंग को सफलता से स्पान पर रख दिया गया है। अब शिफ्टिंग की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही दूसरी बो स्ट्रिंग का निर्माण भी शुरू करेंगे। 900 टन क्षमता की दो क्रेन का उपयोग बो स्ट्रिंग को ऊपर असेंबल करने के लिए किया गया। इसमें एक 600 टन और दूसरी 300 टन क्षमता की क्रेन थी। इन क्रेन की सहायता से गर्डर के एंगल और अन्य सामग्री ऊपर पहुंचाई गई। बो स्ट्रिंग को असेंबल करने के लिए ऊपर ही कंपोजिट गर्डर स्पान बनाया गया है। इसी पर दूसरी बो स्ट्रिंग असेंबल की जाएगी।

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सेगमेंट और वजन का तकनीकी विवरण

फ्लाईओवर पर रखे 247 सेगमेंट डबल डेकर फ्लाईओवर के पियर तैयार होने के बाद स्पान पर सेगमेंट रखे गए। एक स्पान पर 13 सेगमेंट रखे गए हैं। एक सेगमेंट की चौड़ाई 25 मीटर और वजन 120 टन है। इसके अनुसार 13 स्पान की चौड़ाई 351 मीटर और वजन 1560 टन हुआ। सभी 24 स्पान पर सीमेंट और स्टील के 30 हजार टन वजन के 247 सेगमेंट रखे गए हैं।