Eat Right Challenge : जितेंद्र यादव, इंदौर (नईदुनिया)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिस तरह शहरों के बीच स्वच्छता को लेकर स्पर्धा शुरू हुई थी, उसी तरह की स्पर्धा अब साफ-सुथरे और अच्छे खाने को लेकर भी शुरू होने जा रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) देश के 150 शहरों और जिलों के बीच 'ईट राइट चैलेंज' प्रतियोगिता कराने जा रहा है। स्पर्धा में शामिल होने के लिए पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहर और जिले को मौका दिया जाएगा। स्पर्धा में शामिल होने वाले शहर या जिले को 31 जुलाई तक पंजीयन कराना होगा। इस स्पर्धा में देश के उन्हीं जिलों और शहरों को मौका दिया जाएगा जो 'पहले आओ-पहले पाओ' की तर्ज पर पंजीयन कर इस चुनौती को स्वीकार करेंगे।

यह स्पर्धा 'ईट राइट इंडिया' अभियान के तहत कराई जा रही है। स्पर्धा में शामिल होने वाले शहरों और जिलों को 31 मार्च, 2021 तक का समय दिया जाएगा। इस बीच विभिन्न मापदंडों पर गतिविधियां होंगी। इसके आधार पर उन्हें अंक दिए जाएंगे। स्पर्धा में चयनित हर शहर या जिले को पांच लाख रुपये की राशि भी दी जाएगी। इसका उपयोग प्रचार-प्रसार, जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण में किया जा सकेगा। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी का कहना है कि इंदौर में खानपान की विकसित संस्कृति है। यहां भोजन में स्वच्छता का काफी ध्यान रखा जाता है, इसीलिए इस स्पर्धा में इंदौर ने मध्यप्रदेश में सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

इन बिंदुओं पर होगी परीक्षा

- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत होटल, रेस्त्रां, डेयरी, खाद्य सामग्री के रिटेल कारोबारी आदि के रजिस्ट्रेशन बढ़ाने पर नंबर मिलेंगे।

- लाइसेंसिंग, निगरानी और खाद्य सामग्री के सैंपल लेने की गतिविधियों को भी स्पर्धा में शामिल किया गया है। इन सबके लिए भी नंबर तय किए गए हैं।

- उपभोक्ताओं में स्वच्छ और सुरक्षित खाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इसमें मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से खाद्य पदार्थों की जांच से लेकर अन्य जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहेंगे।

- दक्षता बढ़ाने के लिए होटल, रेस्त्रां सहित आटा-दाल आदि खाद्य सामग्री के व्यापारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। फूड कारोबारियों के लिए भी हाइजिन रेटिंग रखी जाएगी। उन्हें भी अलग से नंबर देकर बेहतर खाद्य सामग्री रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

- क्लीन स्ट्रीट फूड हब और सेफ भोग प्लेस को भी स्पर्धा का हिस्सा बनाया गया है। क्लीन स्ट्रीट फूड हब के तहत इंदौर के 56-दुकान और सराफा चौपाटी जैसे स्थानों की स्वच्छता पर भी नंबर दिए जाएंगे।

- इसी तरह सेफ भोग प्लेस के तहत मंदिरों की स्वच्छता और प्रसाद की शुद्धता को भी स्पर्धा में अंक दिए जाएंगे। उज्जैन के महाकाल मंदिर और इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में अन्नक्षेत्र और मंदिर परिसर में प्रसाद की दुकानों पर मिलने वाले प्रसाद की शुद्धता, गुणवत्ता और स्वच्छता को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।

- रुको (रीपरपज यूज्ड कुकिंग ऑइल) अभियान के तहत नमकीन निर्माण की इकाइयों, होटल, रेस्त्रां में तलने में बार-बार उपयोग होने वाले खाने के तेल पर रोक लगाने की गतिविधियां भी स्पर्धा का मापदंड बनेंगी।

- खाने की स्वच्छता और शुद्धता को लेकर प्रचार-प्रसार को भी शामिल किया जाएगा। इसमें सोशल मीडिया के अलावा सिनेमाघरों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर प्रचार अभियान चलाया जाएगा। सोशल मीडिया पर मिलने वाले व्यू और इंप्रेशन पर भी अंक दिए जाएंगे।

Posted By: Prashant Pandey

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