
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : एलआईजी चौराहा से नवलखा चौराहा तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को चुनौती देने वाली जनहित याचिका में गुरुवार को सुनवाई हुई।
शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी ने कोर्ट को बताया कि देश के 11 बडे शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर सफलतापूर्वक चल रहे हैं। इंदौर में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के बारे में वीडियो प्रजेंटेशन के जरिए हम बताना चाहते हैं कि इससे कैसे शहर के यातायात की समस्या का समाधान निकलेगा। कोर्ट ने वीडियो प्रजेंटेशन प्रस्तुत करने की अनुमति देते हुए सुनवाई 21 सितंबर तक बढ़ा दी। कोर्ट उस दिन वीडियो प्रजेंटेशन देखने के साथ-साथ अंतिम बहस भी सुनेगी।
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका इंजीनियर अतुल शेठ ने दायर की है। कहा है कि बीआरटीएस कारिडोर के स्थान पर पीडब्ल्यूडी द्वारा एलिवेटेड कारिडोर बनाया जा रहा है, लेकिन इसके लिए कोई तकनीकी सर्वे नहीं किया गया। किसी को नहीं पता कि एलिवेटेड कारिडोर की कितनी उपयोगिता है।
चूंकि सर्वे नहीं हुआ इसलिए इससे जुड़े कोई आंकड़े भी उपलब्ध नहीं हैं। आरोप है कि जनता के करोड़ों रुपये खर्च करने के लिए परियोजना तैयार की गई है। इस कारिडोर के बनने के बाद भी यह बहुत ज्यादा उपयोगी साबित नहीं होगा। याचिकाकर्ता सेठ का कहना है कि गुरुवार को उन्होंने एक बार फिर कोर्ट को बताया कि उक्त एलिवेटेड कॉरिडोर से कोई फायदा इंदौर को मिलने वाला नहीं है। हालांकि कोर्ट ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
इंदौर : निगमायुक्त क्षितिज सिंघल गुरुवार को मास्टर प्लान की निर्माणाधीन सड़कों का काम देखने पहुंचे। उन्होंने लक्ष्मी प्रतिमा से जिंसी चौराहा, जिंसी चौराहा से नेमीनाथ चौराहा तथा गुटकेश्वर चौराहा से सदर बाजार चौराहा तक चल रहे कार्य का निरीक्षण किया।
इस दौरान कुछ महिलाओं ने निगमायुक्त के सामने पानी नहीं मिलने की समस्या को रखा। महिलाओं ने निगमायुक्त से कहा कि रोड निर्माण के चलते पानी की पाइप लाइनें फोड दी गई थी, जो बार-बार बोलने के बावजूद सुधारी नहीं गई। पानी नहीं मिलने से रहवासी परेशान हो रहे हैं। इस पर निगमायुक्त ने अधिकारियों से पानी का इंतजाम करने और दो दिन में फूट लाइन को सुधारने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को काली मस्जिद के सामने से जिंसी चौराहा तक एक लेन पूरी करने के साथ स्टाम वाटर लाईन चेंबर निर्माण कार्य 15 दिन में करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल लाइन, सीवर लाइन एवं यूटिलिटी के शेष कार्य शीघ्रता पूरे करने के निर्देश भी दिए।
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