
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Indore News। उद्यमिता के क्षेत्र में उद्यमी को निरंतर जोखिम भरे निर्णय लेने पड़ते हैं। यह निरंतर जब उद्यमी के आचरण में आ जाता है तब असफलता का ग्राफ नीचे आने लगता है और सफलता मिलने लगती है। यह कहना है एमओएस टेक्नो इंजीनियर्स के संस्थापक शिखर सिंह का।
मेडीकैप्स विश्वविद्यालय में इनोवेशन इंक्यूबेशन सेंटर और ई- सेल द्वारा उद्यमिता सप्ताह मनाया गया। इसमें विभिन्न उद्योगपतियों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्योगपति अक्षत भराणी ने कहा कि व्यवसाय में आने वाली जोखिमों और अनिश्चितताओं का सामना करते हुए निरंतर सफल होना ही उद्यमिता है। उन्होंने उद्यमिता के विख्यात जानकार फ्रेंकलिन लिंडसे, जोसेफ शुम्पीटर, जेइ स्टेपनेक, एचडब्ल्यू जानसन द्वारा उद्यमिता पर कही गई बातों पर भी विस्तार से बात की।
नेसकोन टेक्नोलाजी के संस्थापक निशिथ बियानी ने कहा कि उद्यमी की व्यवसाय करने की मंशा यानी उदे्श्य से उद्यमियों का प्रकार निर्धारित होता है। जितने उद्यमी होते हैं उतने प्रकार हो सकते हैं लेकिन उद्यमितयों के सभी प्रकार क्लेरेंस डेनहाफ के बताए चार प्रकारों में पूरी तरह श्रेणीबद्ध हो जाते हैं। सभी वक्ताओं ने कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखने और सफल होने के लिए खुद पर भरोसा और जुनून होना जरूरी है। यह ईंधन की तरह है।
संस्थान के डा. डीके पांडा ने कहा कि सफल उद्यमितयों से रोजगार का सृजन होता है और देश की अर्थव्यवस्था की दशा सुधरती है। कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा अपने करियर में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित डाक्यूमेंट्री वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। पोस्टर और निधंब प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने भाग लिया।