
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अंग्रेज थे वे भी आयोजन अनुमति के लिए पैसे नहीं मांगते थे। हमसे दो-दो बार ले लिए गए। प्रशासन चाहे जितनी भी यातनाएं दें हमें स्वीकार है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह बयान दिया।
छात्रों की गूंज के पहले कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि शिक्षा सरकार का दायित्व है इस पर अब चर्चा होना चाहिए। राहुल गांधी ने इसे विषय को जनता में चर्चा का मुद्दा बना दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार के पास दिये जलवाने का समय है लेकिन बालाघाट और सागर में हुई मौत पर शौक मनाने का समय नहीं है। अब छात्र इनके दिये बुझाने का काम करेंगे।
राहुल गांधी के आयोजन छात्रों की गूंज की तैयारियों के बीच शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से चर्चा की। प्रदेश की लगभग सभी प्रमुख कांग्रेस नेताओं के साथ देश के कई कांग्रेस नेता भी राहुल गांधी के आने से पहले इंदौर पहुंच चुके हैं।
कांग्रेस नेता आरोप लगा रहे हैं पहले जेन-जी के आंदोलन को दिल्ली में कुचलने के लिए सरकार ने पुलिस-प्रशासन को आगे कर ताकत का इस्तेमाल किया और अब राहुल गांधी के आयोजन को रोकने के लिए भी ऐसी ही कोशिशें हो रही है। जहां परीक्षा में गड़बड़ी होती है, पेपर लीक होते हैं वहां किसी आरएसएस से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आता है।
सिंघार ने तो आरोप लगा दिया कि आरएसएस चीन से सीखकर सिस्टम लागू करना चाहता है और देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखना हो तो सबको आगे आना होगा मप्र के प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम नहीं बल्कि एक आंदोलन है।
कांग्रेस ने शनिवार 19 सितंबर को इंदौर में हो रहे छात्रों की गूंज के लिए हुए कुल रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि हम आंकड़े बताते हैं तो पुलिस आपत्ति लेती है। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि इंदौर का आयोजन ऐतिहासिक आयोजन होगा।
दूसरी ओर सूत्र बता रहे हैं कि छात्रों की गूंज के लिए कुल रजिस्ट्रेशन की की संख्या 8 लाख के पार पहुंच चुकी है इंदौर पहुंचे कांग्रेस नेता प्रशासन और सरकार के रवैये से खिन्न दिखे। उन्होंने कहा कि हम सरकार में थे तो अटलजी की सभाओं के लिए बिना शुल्क जगह भी देते थे बल्कि उनका सम्मान होता था और उन्हें सुनने भी जाते थे।
राहुल गांधी के गैर राजनीतिक आयोजन में भाजपा की सरकार कोशिश कर रही है कि ना लोग पहुंच सके ना राहुल इंदौर आ सके। कमलेश्वर पटेल, अलका लांबा, उषा नायडू, विक्रांत भूरिया, संजना जाटव, सज्जनसिंह वर्मा, मुकेश नायक, बाला बच्चन, अरुण यादव, शोभा ओझा, डा.विजयलक्ष्मी साधौ, सचिव यादव समते तमाम कांग्रेस नेताओं ने रवैये पर आपत्ति ली।