
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। तुलसीनगर क्षेत्र के एक मकान में चल रही अवैध शराब फैक्ट्र्री को आबकारी विभाग ने पकड़ा था। अब आबकारी विभाग ने आगे की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की है, जो इस पूरे अवैध नेटवर्क की जांच कर करेगी। अरोपी विनोद पलैया के सहयोगियों के साथ ही शराब को कहा खपाया जा रहा था, इसकी जांच होगी। टीम राजस्थान के डुप्लीकेट लेबल की जांच में भी जुटी है।
दरअसल तुलसीनगर क्षेत्र में एक मकान के भीतर चल रही अवैध शराब फैक्ट्री का आबकारी विभाग ने गुरुवार को भंडाफोड़ किया था। तीन मंजिला मकान के भीतर अवैध शराब बनाने, पैकिंग करने और उसे बाजार में खपाने का पूरा सेटअप मिला।डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल का कहना है पूरे मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई है। अवैध रूप से घर में बनाई जा रही शराब के नेटवर्क और खपाने वाले स्थानों की जांच की जाएगी।
आरोपी के घर से शराब के विभिन्न ब्रांड के लेबल मिले थे, ये अवैध शराब प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेची जाती है। अंतरराज्यीय स्तर पर फैला संगठित तस्करी और सप्लाई नेटवर्क की जांच भी की जाएगी। विभाग अब इस नेटवर्क के निर्माण, पैकेजिंग, सप्लाई, वित्तीय लेन-देन और वितरण तंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुट गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध रूप से देशी शराब बनाने का काम किया जा रहा था, लेकिन यहां पर अग्रेजी शराब बाम्बे विस्की के लेवल भी मिले है।इसलिए अब अग्रेजी शराब के नेटवर्क की जांच भी की जाएगी। हालांकि आरोपित ने विभाग की पूछताछ में किसी साथी और शराब बेचने वाले लोगों को नाम नहीं बताया है। शराब की तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि इसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्वों की जांच की जा सके।