
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर के वी-वॉन अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है। महिला ने आरोप लगाया है कि डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में सर्जिकल माप (कपड़ा) छोड़ दिया गया, जिसके कारण उसे करीब छह माह तक असहनीय दर्द और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बाद में दूसरे अस्पताल में जांच और ऑपरेशन के दौरान पेट से मॉप निकाला गया। महिला ने मामले में अस्पताल प्रबंधन और डिलीवरी कराने वाली डॉक्टर दीपा जोशी के खिलाफ सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत इसीलिए भी गंभीर हो जाती है क्योंकि प्रसव कराने वाली महिला चिकित्सक सरकारी डॉक्टर हैं और वर्तमान में एमटीएच अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के तौर पर काम कर रही हैं। ऐसे में एमटीएच अस्पताल के बजाय प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी कराना कई सवाल खड़े कर रहा है।
शिकायतकर्ता विनी जैन वंदना नगर की रहने वाली है। उनका आरोप है कि गर्भावस्था के दौरान उनका इलाज स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपा जोशी कर रही थीं। 24 मार्च 2026 को डॉ. जोशी के निर्देश पर उन्हें वी-वॉन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में डिलीवरी ऑपरेशन डॉ. दीपा जोशी ने ही की। ऑपरेशन के बाद उन्हें बताया गया कि प्रसव सफलतापूर्वक हो गया है। हालांकि, कुछ दिन बाद उनके पेट में तेज दर्द होने लगा। खाने में परेशानी, उल्टी और लगातार अस्वस्थता के कारण उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया।
पीड़िता का आरोप है कि 27 मार्च को अल्ट्रासाउंड कराने पर उन्हें आंतों में समस्या होने की बात बताई गई। इसके बाद डॉक्टर ने दवाइयां लिखीं और 29 मार्च को छुट्टी दे दी। इसके बावजूद उनकी तकलीफ कम नहीं हुई। लगातार दर्द, उल्टी, पेट में सूजन और अन्य परेशानियों के कारण वह कई महीनों तक परेशान रहीं।
हालत गंभीर होने पर 2 जून को उन्होंने एक अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाया गया। 15 अगस्त को तबीयत अधिक बिगड़ने पर दोबारा जांच कराई गई। इसके बाद 21 अगस्त को चिकित्सकीय परीक्षण में शरीर के भीतर किसी बाहरी वस्तु या ट्यूमर जैसी स्थिति की आशंका जताई गई, जिसके लिए ऑपरेशन की सलाह दी गई। इसके बाद सर्जन डॉ. सीपी कोठारी ने 2 सितंबर को पीड़िता का ऑपरेशन किया। इस दौरान पेट से 35×17 सेंटीमीटर का सर्जिकल मॉप निकाला गया। महिला का आरोप है कि इसी वस्तु के कारण उन्हें लगातार दर्द और परेशानी हो रही थी।
इस मामले में नईदुनिया ने अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं उठाया गया न ही मैसेज का जवाब दिया गया। वहीं शिकायतकर्ता के आरोपों को लेकर डॉ. दीपा जोशी ने कहा कि पूरा केस मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था। इसमें हमारी तरफ से कोई त्रुटि नहीं हुई है। हमारे द्वारा शिकायत का जवाब उचित फोरम पर अवश्य दिया जाएगा।
अस्पताल द्वारा यदि इस तरह की गड़बड़ी की गई है तो यह बड़ी लापरवाही है। इस मामले की जांच करवाएंगे। इसके पश्चता चिकित्सक व अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। - शिवम वर्मा, कलेक्टर इंदौर
मेरी जानकारी में अभी ऐसी शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत के साथ तथ्य प्रस्तुत किए जाते हैं तो मामले में जांच कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। - डॉ. माधव हासानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी इंदौर