इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Housing For All Indore । जिला प्रशासन द्वारा हाउसिंग फार आल के लिए नगर निगम इंदौर को ग्राम लिम्बोदी में आवंटित की गई 1.831 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है।
एसडीएम अंशुल खरे ने बताया कि आरोपी अश्विन अग्रवाल, सिकंदर काला और सत्येंद्र मीणा द्वारा इस शासकीय भूमि को छलपूर्वक स्वयं की भूमि बताकर अवैध लाभ लेने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने इस भूमि को अन्य कई व्यक्तियों को बेच दिया। पीड़ितों के कथन के आधार पर एसडीएम और नगर निगम के अमले ने हाल ही में इस भूमि पर किए गए अतिक्रमण पर बेदखली की कार्रवाई की गई। तीनों आरोपियों के विरुद्ध तेजाजी नगर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
जिले में भूमि के अवैध धंधों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर लगातार प्रभावी और बड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा हाल ही में गुटकेश्वर महादेव मंदिर की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए निर्माणधीन मकान को ढहाया गया था। यहां मंदिर की जमीन पर बने पांच अन्य मकानों को भी हटाने के नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वे कोर्ट चले गए। यहां दलालों और भूमाफिया ने अवैध कमाई के लिए मंदिर की जमीन भी इन लोगों को बेच दी थी। इसमें लिप्त दलालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया था। प्रशासन ने बची हुई जमीन तो अपने कब्जे में ले ली लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
मकान पर अवैध कब्जा करने वाले परिवार को हटाया
शहर की ब्रह्मबाग कालोनी में पीड़ित रामरतन के मकान पर अवैध तरीके से कब्जा करने वाली महिला वर्षा दीपक शर्मा को गुरुवार को प्रशासन के दल ने हटा दिया। इस संबंध में मल्हारगंज एसडीएम और भाड़ा नियंत्रण प्राधिकारी पराग जैन द्वारा पारित आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई। अवैध कब्जेदार शर्मा से मकान खाली कराकर आवेदक रामरतन को कब्जा दिलाया गया। अवैध कब्जा करने वाले आठ साल से मकान मालिक को किराया भी नहीं दे रहे थे। कलेक्टर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अवैध कब्जेदारों को हटाकर वास्तविक मालिकों को उनकी संपत्ति का कब्जा दिलाने के अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।