
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : पुलिस में चालक के पद पर भर्ती हुआ फिरोज खान देवास जिले में ऐसा नेटवर्क खड़ा करने के आरोपों में घिरा है, जिसकी जड़ें खातेगांव, कन्नौद और बागली के जंगलों से लेकर विवादित जमीनों के सौदों तक बताई जा रही हैं। आरोप है कि सागौन की लकड़ी की तस्करी से जुड़े लोगों के साथ संपर्क बनाकर उसने करोड़ों रुपये कमाए और बाद में इसी आर्थिक ताकत के दम पर जमीनों के कारोबार में दखल बढ़ाया। लोकायुक्त की जांच में उसकी संपत्तियों का बड़ा ब्योरा सामने आने के बाद अब उसके कथित नेटवर्क और पुराने संपर्कों की भी जांच शुरू हो गई है।
लोकायुक्त से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फिरोज खान की वर्ष 2002 में मंदसौर जिले में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थी। कुछ साल बाद वह देवास पहुंचा और पुलिस लाइन में अपनी पकड़ बनाने लगा। फिरोज के पिता मोहम्मद फारुख भी पुलिस में पदस्थ रहे हैं। भाई जावेद आगर पुलिस में पदस्थ है। फिरोज अक्सर नियमित ड्यूटी से दूर रहता था, लेकिन स्थानीय स्तर पर उसका प्रभाव बढ़ाता रहता था। उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर शिकायतें हुई लेकिन उन शिकायतों पर अफसरों ने कार्रवाई नहीं की।
सूत्रों के मुताबिक, फिरोज खान ने खातेगांव, कन्नौद और बागली क्षेत्र में सागौन की लकड़ी की कथित तस्करी करने वालों के साथ संपर्क बनाया।इस नेटवर्क के जरिए उसने बड़ी रकम जुटाई। बाद में कांग्रेस नेताओं और स्थानीय बदमाशों से करीबी बढ़ाकर विवादित संपत्तियों के सौदों और कब्जे से जुड़े मामलों में दखल देने लगा।
आरएसएस से जुड़े पार्षद शीतल गेहलोत के साथ विवाद के बाद फिरोज खान ने देवास से इंदौर तबादला करवा लिया लेकिन आमद के बाद गैरहाजिर हो गया। बताते हैं लकड़ी तस्करी का काम फिलहाल फिरोज का करीबी संतिया संभाल रहा है। फिरोज देवास में बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) के आसपास कॉलोनी विकसित करने की तैयारी कर रहा था।
डीएसपी सुनील तालान के मुताबिक पुलिस को एक्सीस बैंक,बैंक आफ महाराष्ट्र,एचडीएफसी,यूनियन बैंक,बैंक आफ बड़ौदा,आइडीएफसी,स्टैट बैंक आफ इंडिया,कोटक महिंद्रा,ओरियंटल बैंक आप कामर्स
यह भी पढ़ें- MP में 948 करोड़ का एंबुलेंस भुगतान घोटाला; लोकायुक्त ने लिया एक्शन, स्वास्थ्य विभाग के PS और NHM डायरेक्टर को नोटिस