
उदय प्रताप सिंह, इंदौर। इंदौर शहर में मेट्रो गति पकड़ रही है। सुपर कॉ रिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में यात्री मेट्रो के सफर का आनंद ले रहे हैं। मार्च में सुपर कारिडोर से रेडिसन तक के हिस्से को यात्री मेट्रो में बैठकर देख सकेंगे। इस बीच, जमीन के 15 फीट ऊंचे पिलर पर मेट्रो दौड़ने के साथ ही जमीन की गहराई में मेट्रो की नींव तैयार होनी शुरू हो गई है। एयरपोर्ट से रीगल तक प्रस्तावित 8.7 किलोमीटर हिस्से में सात अंडर ग्राउंड स्टेशन में से छह का निर्माण शुरू हो चुका है, लेकिन छोटा गणपति पर अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण में कुछ उलझनें बनी हुई हैं।
अंडर ग्राउंड स्टेशन के छह स्थानों पर जमीन की 14 मीटर गहराई तक पिलर खड़े किए जा रहे हैं। मेट्रो के अंडर ग्राउंड प्रोजेक्ट का कार्य करने वाली हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी-टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने एयरपोर्ट, बीएसएफ, रामचंद्र नगर पर आरएपीटीसी की जमीन, बड़ा गणपति पर वेयर हाउस की जमीन और निगम मुख्यालय परिसर के पास अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन ओपन कट तकनीक से तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है।
इसके लिए उच्च क्षमता वाली पाइलिंग मशीनों ने जमीन के 14 मीटर गहराई में खोदाई कर पिलर तैयार करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। आरएपीटीसी की जमीन पर तीन पाइलिंग मशीनें रात-दिन ड्रिलिंग कर रही हैं। यहां लगभग 300 पिलर जमीन के नीचे तैयार किए जाएंगे, जिनके सहारे जमीन के नीचे मेट्रो स्टेशन का निर्माण होगा। इसी प्रकार, बड़ा गणपति और नगर निगम के पास भी अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है।
छोटा गणपति स्टेशन के निर्माण पर रहवासियों के विरोध के बाद यहां ओपन कट के बजाय नेटम तकनीक से अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने पर विचार किया जा रहा है। ओपन कट तकनीक में 200 मीटर लंबाई और 28 मीटर चौड़े हिस्से को जमीन की सतह के ऊपर से खोदकर स्टेशन का निर्माण किया जाता है। इसके पहले जमीन के नीचे पिलर तैयार किए जाते हैं।
वहीं, नेटम तकनीक में 80 मीटर लंबाई और 28 मीटर चौड़े हिस्से में कट लगाकर जमीन के नीचे पहुंचकर ब्लास्टिंग के माध्यम से खोदाई की जाती है। मृदा परीक्षण में छोटा गणपति पर 14 मीटर गहराई में कठोर चट्टानें मिली हैं। मेट्रो प्रबंधन आइआइटी के विशेषज्ञों से चर्चा कर रहा है कि यहां का अंडर ग्राउंड स्टेशन कितनी गहराई पर बनाया जाएगा। अंडरग्राउंड सात स्टेशनों में छोटा गणपति को तैयार करने में समय और लागत अधिक आएगी।
अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी के निरीक्षण के बाद उनकी हरी झंडी मिलने पर हम मेट्रो को रेडिसन तक चलाने में सक्षम होंगे। छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन के निर्माण की तकनीक पर अभी काम किया जा रहा है। -एस. कृष्ण चैतन्य, एमडी मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड