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सड़क दुर्घटना के बाद पीएम राहत योजना के तहत मिल रहा है डेढ़ लाख का मुफ्त इलाज, जानें कैसे ले सकते हैं लाभ?

केंद्र सरकार ने पीएम राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सड़क दुर्घटन...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sun, 28 Jun 2026 08:12:37 AM (IST)Updated Date: Sun, 28 Jun 2026 08:23:38 AM (IST)
सड़क दुर्घटना के बाद पीएम राहत योजना के तहत मिल रहा है डेढ़ लाख का मुफ्त इलाज, जानें कैसे ले सकते हैं लाभ?
दुर्घटना होने पर योजना के तहत मिलेगा लाभ। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सबसे बड़ी चिंता घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और इलाज शुरू कराने की होती है
  2. कई बार आर्थिक परेशानी या इलाज के खर्च के डर से समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जिससे मरीज की जान तक चली जाती है
  3. इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित का इलाज पैसों के अभाव में न रुके

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सड़क दुर्घटना कभी भी और किसी के साथ हो सकती है। ऐसे समय में सबसे बड़ी चिंता घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और इलाज शुरू कराने की होती है। कई बार आर्थिक परेशानी या इलाज के खर्च के डर से समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जिससे मरीज की जान तक चली जाती है।

इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने पीएम राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित का इलाज पैसों के अभाव में न रुके। यदि कोई व्यक्ति देश में किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुई दुर्घटना में घायल होता है और वह योजना के पात्र दायरे में आता है, तो उसे दुर्घटना की तारीख से सात दिन तक डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।


ऐसे ले सकते हैं योजना का लाभ

दुर्घटना होने पर सबसे पहले 112 हेल्पलाइन पर काल करें। यह आपातकालीन सेवा दुर्घटना की सूचना संबंधित विभागों तक पहुंचाएगी और जरूरत पड़ने पर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी करेगी। साथ ही घायल को नजदीकी नामित अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। यदि कोई राहगीर या प्रत्यक्षदर्शी भी 112 पर सूचना देता है, तो भी योजना का लाभ मिल सकता है।

गोल्डन आवर में मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा यानी गोल्डन आवर सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी समय सही इलाज मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी कारण इस योजना में तत्काल उपचार को प्राथमिकता दी गई है। सामान्य गंभीर मामलों में 24 घंटे तक और जानलेवा स्थिति वाले मामलों में 48 घंटे तक जरूरी स्टेबलाइजेशन उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

अस्पताल को ऐसे मिलेगा भुगतान

इलाज का पूरा भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (एमवीएएफ) के माध्यम से किया जाएगा। यदि दुर्घटना करने वाला वाहन बीमित है तो खर्च बीमा व्यवस्था से पूरा होगा। वहीं बिना बीमा वाले या हिट एंड रन मामलों में भुगतान केंद्र सरकार करेगी। इससे अस्पतालों को भी समय पर राशि मिलेगी और मरीज का इलाज बिना रुकावट जारी रहेगा।

डिजिटल व्यवस्था से होगी निगरानी

योजना को पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से जोड़ा गया है। दुर्घटना की जानकारी, अस्पताल में भर्ती, पुलिस सत्यापन, इलाज और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया आनलाइन है। यदि किसी पात्र मरीज को योजना का लाभ नहीं मिलता है या इलाज में कोई परेशानी आती है, तो उसकी शिकायत जिला स्तर पर की जा सकती है। इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा नामित शिकायत निवारण अधिकारी शिकायत की सुनवाई करेंगे। समिति की अध्यक्षता जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट करेंगे, जिससे शिकायतों का समय पर समाधान हो सके।

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