यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Metro In Indore: इस महीने के अंत से निहार सकेंगे अपनी मेट्रो को
Metro In Indore: सार्वजनिक स्थान पर लगाया जाएगा मोकअप कोच जिससे लोग उसे देख-समझ सकें।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 12 Apr 2023 09:32:08 AM (IST)Updated Date: Thu, 13 Apr 2023 08:18:58 AM (IST)

Metro In Indore: नवीन यादव, इंदौर। शहर की लाइफलाइन कही जा रही हमारी मेट्रो ट्रेन को निहारने, उसके डिब्बे में बैठने के लिए शहरवासियों को अब ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। दरअसल वड़ोदरा के जिस संयंत्र में हमारी मेट्रो के डिब्बे बन रहे हैं, वहां से एक डमी कोच इस माह के अंत में इंदौर आ जाएगा। इस कोच को तकनीकी भाषा में मोकअप कोच कहा जाता है। इसे किसी सार्वजनिक स्थान पर लगाया जाएगा। जहां शहरवासी मेट्रो के कोच को देख कर समझ सकेंगे। इससे जब मेट्रो चलेगी तो लोगों को मेट्रो का उपयोग करने में परेशानी नहीं झेलनी होगी।
मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मार्च माह में ही वड़ोदरा में एल्सटॉम कंपनी ने कोच का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह कंपनी भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए तीन कोच की 52 ट्रेन यानी 156 कोच की आपूर्ति करेगी। भोपाल मेट्रो के लिए 3 कोच की 27 ट्रेनें और इंदौर के लिए 3 कोच की 25 ट्रेनें आएंगी। कोच की लंबाई 22 मीटर और चौड़ाई 2.9 मीटर है। यह ट्रेन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। 15 साल तक ट्रेन का मेंटेनेंस भी कंपनी करेगी।
साथ ही अनुबंध में रोलिंग स्टाफ, सिग्नलिंग और दूरसंचार की आपूर्ति और स्थापना के लिए संयुक्त अनुबंध किया गया है। मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी मनीष सिंह ने दोनों शहरों के नागरिकों को मेट्रो ट्रेन से पहले से परिचित कराने के लिए मोकअप कोच की आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे। यह अप्रैल माह के अंत तक मिलने की उम्मीद है।
क्या है मोकअप कोच
जानकारों का कहना है कि कई शहरों में जहां मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट चल रहे थे, वहां इस तरह से मोकअप कोच लगाने की शुरुआत की गई थी। मोकअप कोच हूबहू असली कोच की तरह होते हैं। सरल भाषा में डमी कोच भी कह सकते हैं। इन्हें थोड़ी ऊंचाई पर एक प्लेटफार्म बना कर स्थापित किया जाता है। वहां लोग इसमें सवार होकर इसे देख सकेंगे।
यह होगा कोच में
अधिकारियों ने बताया कि मोकअप कोच में असली कोच की तरह कुर्सियां, हत्थे, स्क्रीन आदि लगी होगी। इसका फर्श, रंग, आकार एकदम असली कोच जैसा ही होगा।
इधर ट्रायल रन को लेकर काउंटडाउन शुरू
इंदौर और भोपाल दोनों शहरों में इस साल सितंबर में ट्रायल रन किया जाना है। इंदौर में सुपर कारिडोर के 5.9 किलोमीटर के हिस्से में यह ट्रायल रन होना है। इसके लिए काउंटडाउन शुरू हो गया है। प्रोजेक्ट से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि भले ही हमने समय सीमा सितंबर तय की है, लेकिन हम इसे अगस्त मान कर चल रहे हैं। इसी के अनुसार तैयारी कर रहे हैं।