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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ganesh Chaturthi 2024: मध्य प्रदेश में उज्जैन, सीहोर और इंदौर के चिंतामन गणेश भक्तों की आस्था का हैं केंद्र

भगवान गणेश की स्थापना के साथ आज से गणेशोत्सव की शुरुआत हो रही है। सीहोर के चिंतामन गणेश, उज्जैन के चिंतामन गणेश और इंदौर के जूना चिंतामन गणेश में भक्त...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 08 Sep 2024 08:30:00 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Sep 2024 08:30:00 AM (IST)
Ganesh Chaturthi 2024: मध्य प्रदेश में उज्जैन, सीहोर और इंदौर के चिंतामन गणेश भक्तों की आस्था का हैं केंद्र
मध्य प्रदेश के प्रमुख चिंतामण गणेश मंदिर।

HighLights

  1. महाराष्ट्र के अष्ट विनायक की तरह धर्मधानी उज्जैन शहर में छह गणेश की मान्यता है।
  2. श्रीराम, सीता व लक्ष्मण ने वनवास के दौरान उज्जैन आने पर इनकी स्थापना की थी।
  3. सीहोर में चिंतामण गणेश की स्थापना राजा विक्रमादित्य ने 2000 साल पहले की थी।

आज विघ्नहर्ता गणेश की घर-घर स्थापना के साथ गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है। मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख गणेश मंदिरों में सुबह से ही भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। उज्जैन के चिंतामन गणेश, सीहोर के चिंतामन गणेश और इंदौर के जूना चिंतामन गणेश मंदिर भक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, आईए जानते हैं इन मंदिरों के बारे में...

उज्जैन : भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और सीता 
ने की थी चिंतामन गणेश की स्थापना

उज्जैन : महाराष्ट्र के अष्ट विनायक की तरह धर्मधानी उज्जैन में छह गणेश की मान्यता है। स्कंद पुराण के अवंतिखंड में इसका उल्लेख मिलता है। धर्मशास्त्र के अनुसार भगवान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण ने वनवास के दौरान उज्जैन आने पर इनकी स्थापना की थी। भगवान चिंतामन गणेश इन्हीं षड्विनायकों में से एक हैं।


पं. शंकर पुजारी ने बताया चिंतामन गणेश मंदिर में भगवान चिंतामन, इच्छामन तथा सिद्धि विनायक की संयुक्त मूर्ति विराजित है। मान्यता है भगवान श्रीराम ने चिंतामन, लक्ष्मणजी ने इच्छामन तथा माता सीता ने सिद्धि विनायक की स्थापना की थी। इस मंदिर में एक प्राचीन बावड़ी है, मान्यता है कि यहां आने पर भगवान श्रीराम व सीता जी को प्यास लगने पर लक्ष्मणजी ने बाण चलाकर धरती से जल प्रकट किया था।

इंदौर: 13वीं शताब्दी का है जूना चिंतामन गणेश मंदिर, गुरु समर्थ रामदास आकर ठहरे थे यहां

इंदौर: शहर के जूनी इंदौर में स्थित जूना चिंतामन गणेश मंदिर की ख्याति भी देशभर में है। इसका निर्माण 13वीं शताब्दी में परमारकालीन शासकों ने कराया था। यह मंदिर काले पत्थरों से बना है। पुरातत्व विभाग ने भी इस मंदिर को संरक्षित मंदिरों की श्रेणी में रखा है।

बताया जाता है कि यहां छत्रपति शिवाजी महाराज के गुरु समर्थ रामदास भी आकर ठहरे थे। उन्होंने मंदिर में पवनपुत्र हनुमान की विधि विधान से स्थापना की थी। गणेश चतुर्थी पर भगवान के शृंगार दर्शन भक्तों को होंगे।

सीहोर : 2000 साल पहले बना मंदिर, देश की चार स्वयंभू प्रतिमाओं में से एक है चिंतामन गणेश

सीहोर : चिंतामन गणेश मंदिर में 10 दिवसीय गणेश महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया है। मुख्य पुजारी पृथ्वी बल्लभ ने बताया कि 2000 साल पहले उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने गणेश के इस मंदिर की स्थापना की थी।

सिद्ध गणेश मंदिर होने के कारण शहर को सिद्धपुर कहा जाने लगा धीरे-धीरे सिद्धपुर से लोग इसे सीहोर कहने लगे हैं। देश के चार स्वयंभू प्रतिमा है, उनमें से ये एक है सीहोर का चिंतामन गणेश मंदिर है। इसके अलावा राजस्थान रणथंबोर सवाई माधोपुर, उज्जैन के चिंतामन गणेश, गुजरात के सिद्धपुर में चिंतामन गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। राजा विक्रमादित्य हर बुधवार सिद्धपुर सीहोर आते थे। विक्रम संवत 155 में यहां गर्भ ग्रह का निर्माण हो गया था।