
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नवरात्र के अंतिम दिवस यानी नवमी पर रसरंग एवं श्री गुजराती समाज की प्रस्तुति नईदुनिया रास उल्लास गरबा महोत्सव में गरबे को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
शाम से हो रही बारिश भी गरबा प्रतिभागियों के उत्साह के रंग को फीका नहीं कर पाई बल्कि यह तो और भी गहरा हो गया और जब बारिश का दौर थमा तो गरबा प्रेमियों ने पूरे उल्लास और उमंग के साथ गरबा किया।
विभिन्न रंगों के परिधान पहनकर जैसे ही प्रतिभागी गरबा करना शुरू किया पूरा परिसर रंग-बिरंगी छटा से खिल उठा। ऐसा लगा मानों धरती पर इंद्रधनुष उतर आया हो। हर ताल पर कदम मिलाते हुए प्रतिभागियों ने समर्पण और आस्था का परिचय दिया।
गरबा महोत्सव में हर वर्ग और उम्र के लोग सम्मिलित हुए। छोटे बच्चों से लेकर उम्रदराज लोगों ने उमंग के साथ गरबा किया और माता दुर्गा की आराधना की।
नवरात्र के अंतिम दिन इस गरबा महोत्सव ने सभी को अद्भुत अनुभव दिया और भक्तों के दिलों में माता की अनंत कृपा का एहसास कराया। यहां 1008 दीपों से मां अंबे की महाआरती भी की गई।
इंदौर शहर में नवरात्र के अंतिम दिन उत्सव का उल्लास और भी गहरा रंग लिए छाया। मां की विदाई के पहले गरबा प्रतिभागियों ने नृत्य के माध्यम से मां की खूब आराधना की। वर्षा के बावजूद भक्ति की लौ जलती रही और देर से ही सही गरबा पंडालों में गरबे का ऐसा रंग चढ़ा जो देर रात तक जारी रहा।
कहीं महाराष्ट्र की रंगत नजर आई तो कहीं असम का लोकनृत्य हुआ, कहीं पौराणिक कथा का मंचन हुआ तो कहीं नृत्य स्पर्धा हुई। संस्था निर्भय द्वारा छोटा बांगदड़ा में आयोजित गरबा महोत्सव में बालिकाओं ने ब्रह्मा, विष्णु और महेश की महिमा का गुणगान करती प्रस्तुति दी तो गोवर्धन पर्वत की लीला का भी मंचन किया।
संरक्षक मनोज पटेल ने बताया कि हर दिन अलग-अलग कलर थीम पर प्रस्तुति दी गई। वर्षा के बावजूद प्रतिभागियों ने मनोरम गरबा प्रस्तुति दी। गुजरात की गरबा टीम ने भजन पर नृत्य प्रस्तुत किया। निपानिया स्थित टाउनशिप में तीन दिवसीय गरबा उत्सव हुआ।
इसमें 300 से अधिक महिलाओं ने गरबा किया। रहवासी कल्याण संघ की सांस्कृतिक समिति प्रमुख उमाकांत सरावगी ने बताया कि टाउनशिप में रावण दहन भी किया जाएगा। संजना पार्क के नवदुर्गा महोत्सव में रहवासी संघ की महिलाओं और बालिकाओं ने बड़े उत्साह से भाग लिया।
संघ के अध्यक्ष विनय सिन्हा व नवदुर्गा समिति की माधवी सक्सेना ने बताया कि आयोजन में प्रतिभागियों ने विविध प्रांतों की लोक परंपरा की बानगी प्रस्तुत की। कबीटखेड़ी मेन रोड स्थित स्कीम 136 में भी बालिकाओं ने गरबे की प्रस्तुति दी।
हंसदास मठ में गरबा महोत्सव के दौरान विभिन्न समूह द्वारा गरबे की आकर्षक प्रस्तुति दी जा रही है। इसके तहत केसरिया जैन गरबा ग्रुप की महिलाओं ने नवमी की रात असम की लोककला से शहरवासियों को परिचित कराने के लिए बिहू नृत्य किया।
अहिल्याश्रम कन्या उमावि क्रमांक-2 में नवरात्र के अंतिम दिन छात्राएं परपंरागत परिधान में पहुंची और गरबा किया। सैकड़ों छात्राओं के लिए कन्या भोज भी रखा गया।
प्राचार्य दीपक हलवे ने बताया कि स्कूल परिसर में शुक्रवार को दुर्गा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। तीन हजार छात्राओं को भोजन प्रसादी सहित पाद पूजन कर उपहार दिए गए। कार्यक्रम में सभी छात्राओं ने शिक्षिकाओं के साथ गरबा किया।