
इंदौर। अब बच्चों को स्कूल में किताबी ज्ञान के साथ 'गुड टच बैड टच' का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इसे विषय के रूप में कोर्स का हिस्सा बनाया जाएगा। इस संबंध में राज्य बाल संरक्षण आयोग द्वारा प्रदेश शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। लगातार बढ़ रही यौन शोषण की घटनाओं के चलते यह कदम उठाया जा रहा है। बच्चे घर, होटल, स्कूल, बगीचे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अपने ही गलत फायदा उठा रहे हैं। आयोग ने सभी सरकारी और प्रायवेट स्कूलों में 'गुड टच बैड टच' के बारे में बच्चों के लिए व्याख्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
इसलिए जरूरी
- आयोग का मानना है कि अगर बच्चे पुस्तक में पढ़ेंगे तो उन्हें सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में ज्यादा बेहतर ढंग से समझ आएगा।
- विशेष तौर पर इसे प्राइमरी कक्षा में शामिल करने की जरूरत बताई जाएगी।
- पुस्तक में चित्रों के माध्यम से भी समझाया जा सकता है।
तो माता-पिता को घोषित हो डिफॉल्टर
अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आयोग ने एक और सिफारिश शासन से की है। इसके तहत बच्चों को स्कूल नहीं भेजने वाले माता-पिता को डिफॉल्टर घोषित किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष के मुताबिक जिस तरह बिजली और नल का बिल नहीं भरने वाले व्यक्ति को डिफॉल्टर घोषित कर चुनाव लड़ने से वंचित किया जाता है, वैसे ही 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को स्कूल नहीं भेजने वाले माता-पिता पर भी कार्रवाई होगी। मंत्री अर्चना चिटनीस ने इस प्रस्ताव पर विचार कर विधानसभा में रखने का आश्वासन दिया है।
हाल ही में हुई बाल यौन उत्पीड़न की घटनाएं
- मल्हारगंज क्षेत्र के किड्स स्कूल में चार साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की जांच छह माह से जांच जारी है।
- ट्रेजर आईलैंड मॉल के गेम जोन में 10 साल की बच्ची के साथ कर्मचारी ने गलत हरकत की।
- विजय नगर में एक होटल का वेटर पांच साल की बच्ची का महीनों से शोषण कर रहा था। स्कूल में गुड टच बैड टच के बारे में बताने पर उसने मां को घटना बताई।
- मूसाखेड़ी में 14 साल की किशोरी अपने ही पिता द्वारा सात-आठ महीनों से शोषण की शिकार हो रही थी। फिलहाल उसे छह माह का गर्भ है।
- चंदन नगर में चार साल की बच्ची का शोषण किया गया था। इससे परेशान होकर बच्ची की मां ने उसे व खुद को खत्म कर लिया।
- लसूड़िया में बाल्याखेड़ी प्राइमरी स्कूल के 56 वर्षीय शिक्षक द्वारा 10 साल के बच्चे का तीन साल से यौन शिक्षण किया जा रहा था। बच्चे की तकलीफ काफी बढ़ने के बाद चाइल्ड लाइन में शिकायत की गई, तब मामला सामने आया।
सरकार से की है सिफारिश
बच्चों का यौन उत्पीड़न बहुत गंभीर समस्या बन गई है। बच्चों में इसकी समझ विकसित करना जरूरी हो गया है। 'गुड टच बैड टच' को कोर्स में शामिल करना शासन का निर्णय होगा - राघवेंद्र कुमार शर्मा, अध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग