• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

अधिकारी संतुष्ट नहीं तो जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसल, एक्ट से अलग इस नियम से मध्य प्रदेश में व्यापारी परेशान

जीएसटी एक्ट के नियम कायदों के अनुसार कर प्रणाली में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और किसी अधिकारी के दखल का प्रावधान नहीं है।

By Lokesh SolankiEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 06 Mar 2026 07:58:57 AM (IST)Updated Date: Fri, 06 Mar 2026 08:04:37 AM (IST)
अधिकारी संतुष्ट नहीं तो जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसल, एक्ट से अलग इस नियम से मध्य प्रदेश में व्यापारी परेशान
दिखावे के लिए जीएसटी दफ्तर में लगा रखे ऑनलाइन प्रक्रिया के पोस्टर।

HighLights

  1. रिटर्न में देरी करने वाले व्यापारियों को अलग से मिलने आने का निर्देश
  2. रिटर्न दाखिल नहीं करने व्यवसायियों के पंजीयन निलंबित किए गए
  3. निलंबन को बकाया टैक्स, पेनाल्टी, ब्याज चुकाने पर बहाल होना चाहिए

लोकेश सोलंकी, नईदुनिया, इंदौर। अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं तो व्यापारी अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर सकेंगे। जीएसटी एक्ट के नियमों से अलग स्टेट जीएसटी ने ये नियम लागू कर दिया है। स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) में रिटर्न में देरी करने पर जीएसटी पंजीयन निलंबित होते हैं। नियमानुसार इस निलंबन को बकाया टैक्स, पेनाल्टी, ब्याज चुकाने पर बहाल होना चाहिए।

स्टेट जीएसटी में सर्कल के अधिकारी इस नियम को ताक पर रख व्यवसायियों को मिलने बुला रहे हैं। इसके बाद संतुष्ट नहीं होने का बहाना देकर पंजीयन बहाल करने से रोक भी रहे हैं। व्यापारी ऊपर के अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं तो इसे विशेषाधिकार बता कर पल्ला झाड़ा जा रहा है।


बीते महीनों से लगातार व्यवसायी जीएसटी में लागू अधिकारियों के इस मनमाने रवैये की शिकायत कर रहे हैं। जीएसटी एक्ट के नियम कायदों के अनुसार कर प्रणाली में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और किसी अधिकारी के दखल का प्रावधान नहीं है। इस बारे में विभाग के दफ्तर में दीवार पर सूचना देते पोस्टर चिपका रखे हैं। हालांकि व्यापारी के प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी अधिकारी उसका पंजीयन बहाल नहीं करते।

शिकायत सही निकली

नईदुनिया ने खुद मौके पर जाकर इसे परखा तो व्यापारियों की शिकायत सही निकली। सर्कल 15 में दो महीने से ज्यादा माह के रिटर्न दाखिल नहीं करने व्यवसायियों के पंजीयन निलंबित किए गए। इसके बाद लगातार सर्कल टैक्स अधिकारी व्यापारियों को दफ्तर आने के संदेश देते। मांग पूरी नहीं करने वाले व्यापारियों के पंजीयन बहाल नहीं किए जाते।

समय-सीमा की भी परवाह नहीं

पिछले रिटर्न दाखिल नहीं करने पर नवंबर माह के मध्य में शिवसाईं एजेंसी नामक फर्म का पंजीयन निलंबित किया गया। पुराने रिटर्न के साथ टैक्स और पेनाल्टी जमा करने के बाद व्यापारी ने 19 जनवरी को पंजीयन बहाली का आवेदन विभाग में दिया। इसके बाद व्यापारी ने कई चक्कर स्टेट जीएसटी के दफ्तर के लगा दिए। आखिरकार 10 फरवरी को व्यापारी को नोटिस जारी कर रिटर्न में देरी का स्पष्टीकरण मांगा गया।

व्यापारी ने उसी दिन ऑनलाइन जवाब दाखिल किया। हालांकि व्यापारी अधिकारी से मिलने नहीं पहुंचा तो 25 फरवरी को व्यापारी को ऑनलाइन नोटिस मिला कि उसका पंजीयन निरस्त किया जाता है। कारण बताया गया कि जवाब संतुष्टिप्रद नहीं है। जबकि ऐसी कार्रवाई सिर्फ बोगस पंजीयन पर की जा सकती है, वह भी सात दिन के भीतर नोटिस जारी कर और भौतिक सत्यापन के बाद।

हम संतुष्ट नहीं हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि व्यापारी का साथी बनकर सर्कल 15 के सहायक आयुक्त अजय मुजाल्दे के पास पहुंचा। व्यापारी बनकर पंजीयन निरस्त करने की बात की। इस पर मुजाल्दे ने कहा कि आप तो कंपोजिशन डीलर हो। व्यापारी ने कहा कि नहीं, नियमित पंजीयन है। इसके बाद मुजाल्दे से जब पूछा गया कि टैक्स, पेनाल्टी चुकाने और कारण बताओ नोटिस का जवाब देने पर भी आपने पंजीयन निरस्त कर दिया।

मुजाल्दे ने कहा कि हम जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे तो आप छह-छह महीने शासन को टैक्स नहीं चुकाओगे। इसे आदत बना लोगे, इसलिए हम पंजीयन बहाल नहीं कर सकते। व्यापारी ने पूछा, रास्ता क्या है। इस पर मुजाल्दे ने कहा कि आप अपील करो और मैडम से मिल लेना।

बात मिलकर करिए, फोन पर जानकारी नहीं दे सकता

यदि जवाब से अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं तो वह पंजीयन बहाल नहीं करेगा। यह उसके क्षेत्राधिकार में है। इस बारे में बात मिलकर करिए, फोन पर जानकारी नहीं दे सकता। - धूलसिंह चौहान, उपायुक्त स्टेट जीएसटी