Gupt Navratri 2023: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। तंत्र-मंत्र के लिए श्रेष्ठ माघ माह की गुप्त नवरात्र में 22 से 30 जनवरी तक पूरे नौ दिन शक्ति की गुप्त उपसाना होगी। किसी तिथि के क्षय और वृद्धि न होने से माता के नौ स्वरूप का पूजन अलग-अलग दिन विधि-विधान से होगा। पर्व के दौरान गणतंत्र दिवस के दिन 26 जनवरी को वसंत पंचमी, 28 को नर्मदा जयंती, 29 को अष्टमी और 30 को नवमी पूजन के साथ गुप्त नवरात्र का समापन होगा।

गुप्त नवरात्र के दौरान इंदौर के बिजासन माता मंदिर, हरसिद्धि, काली मंदिर खजराना, गौराकुंड स्थित दुर्गा माता मंदिर में विभिन्न आयोजन होंगे। ज्योतिर्विद पं. रामप्रसाद तिवारी के अनुसार, वर्ष में चार नवरात्र आते हैं। इनमें दो प्रत्यक्ष और दो गुप्त नवरात्र होती हैं। माघ और आषाढ़ के महीने में गुप्त नवरात्र होती हैं, जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्र को प्राकट्य नवरात्र कहा जाता है। गुप्त नवरात्र तंत्र व मंत्र साधना के लिए श्रेष्ठ मानी गई हैं। इस दौरान जप, तप और ध्यान से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

मां को कराएंगे नौका विहार, शोभायात्रा निकलेगी, सजेगा दरबार

एरोड्रम रोड स्थित श्रीश्री विद्याधाम का 28वां नौ दिनी प्रकाशोत्सव गुप्त नवरात्र से शुरू होगा। आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी गिरिजानंद सरस्वती की प्रेरणा से स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सान्निध्य में विभिन्न आयोजन होंगे। आश्रम परिवार के पूनमचंद अग्रवाल, पं. दिनेश शर्मा व राजेंद्र महाजन ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत 22 जनवरी को सुबह 9.30 बजे ललितांबा महायज्ञ अनुष्ठान के साथ होगा। इसके पूर्व सुबह 6 बजे वैदिक संध्या वेदपाठ 7:30 बजे षोडशोपचार पूजन एवं शाम 6 बजे ललिता सहस्त्र नामावली से लक्षारचन आराधना होगी। शाम 7.30 बजे 108 दीपों से महाआरती प्रतिदिन 30 जनवरी तक होगी।

नौका विहार की झांकी सजेगी, फूल बंगले के दर्शन भी होंगे

नर्मदा जयंती पर 28 जनवरी को श्रीश्री विद्याधाम में सुबह 9.30 बजे ब्रह्मलीन स्वामी के श्री विग्रह के प्रकाशोत्सव पर पादुका पूजन, षोड्शोपचार पूजन, अभिषेक एवं आरती होगी। इसके बाद शाम 6 बजे से मां पर परांबा ललिता महात्रिपुर सुंदरी के नौका विहार की झांकी के दर्शन होंगे। महाअष्टमी पूजन शाम 5 बजे से होगा। इसके बाद शोभायात्रा और छप्पन भोग के दर्शन होंगे। 30 जनवरी को फूल बंगला के दर्शन शाम 6 बजे से होंगे।

Posted By: Hemraj Yadav

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