इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, health news indore। खंडवा के 52 साल के व्यक्ति के फेफड़ों के बीच में लंबे समय से गठान थी। छह माह से उसके कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। मरीज ने कई अस्पतालों में चिकित्सकों को दिखाया लेकिन कोई भी गठान की पहचान नहीं कर पा रहा था। अरबिंदो अस्पताल में शनिवार को मरीज की एंडो ब्रोकियल अल्ट्रा साउंड तकनीक से जांच कर कैंसर की गठान का पता लगाया गया है।

अरबिंदो अस्प्ताल के श्वसन रोग विशेषज्ञ डा. रवि डोसी के मुताबिक दोनो फेफड़ों के बीच के स्थान को मीडिया स्टेनम कहते है। इसमें दिल, हवा की नली, रक्त धमनियां रहती है। उसके साथ लिफ्नोड्स होते हैं। यदि यहां कोई गठान हो तो उसकी जांच कर फेफड़ों के कैंसर के लिए छुपी हुई बीमारी के संबंध में जल्द पड़ताल की जा सकती है। साधारण ब्रोकोस्कोपी से इन स्ट्रक्चर का परीक्षण नहीं हो सकता है। ऐसे में हमने अरबिंदो अस्पताल में उपलब्ध एंडो बोक्रोस्कोप जिसके अग्र भाग में एक अल्ट्रा साउंड होता है। उससे इस मरीज की जांच की की। इस तकनीक से लिफ्नोड्स में अन्य बीमारी के लक्षणों का परीक्षण जल्द व सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। मरीज के दोनों फेफड़ों के बीच में गठान थी और यहां पर एओटो जैसी संवेदनशील नली भी होती है।

मरीज को अन्य किसी अस्पताल में इसका निदान नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में हमने इस तकनीक से जांच की। इस दौरान एनिस्थिसिया विभाग की डा. दीप्ति सक्सेना भी मौजूद थी। इसके अलावा पैथालॉजी विभाग की डा. शिल्पी डोसी ने तत्काल स्लाइड देख गठान में कैंसर की पहचान की। मरीज के फेफड़ों के बीच पाई गई गठान में कैंसर के कीटाणु मिलने के बाद अब उसकी कीमोथैरेपी की जाएगी और उसके बाद सर्जरी की जाएगी। अरबिंदो अस्पताल में अब तक 50 केस में एंडो ब्रोकोस्कोप तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

Posted By: gajendra.nagar

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