Health Tips : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो। व्यायाम और संतुलित तथा पौष्टिक आहार से यह संभव है। आहार विशेषज्ञ डा. दिव्या चौरड़िया के अनुसार हम भोजन में हल्का, संतुलित एवं पौष्टिक आहार शामिल करें। मौसम के अनुरूप फलों व सब्जियों का समावेश भोजन में करें। विटामिन सी का सेवन बहुत जरूरी है जो संतरा, मौसंबी, नीबू, आंवला जैसे खट्टे फलों में भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन सी हर तरह के संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कणिकाओं के लिए जरूरी है।
डा. चौरड़िया ने बताया कि खाने में एंटी आक्सीडेंट तत्व जैसे मशरूम, पालक, टमाटर, कढ़ी पत्ता, हरी सब्जियां आदि अधिक मात्रा में शामिल करें। तुलसी का नियमित रूप से सेवन भी बहुत जरूरी है। फलों का जूस व पानी अधिक मात्रा में पीएं जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। किसी भी तरह के बुखार, सर्दी या फ्लू को यदि नियंत्रित करना है तो गर्म पानी में नीबू का रस डालकर बार-बार पिएं। यदि जुकाम है तब भी गुनगुने पानी में नीबू का रस डालकर पीएं, इससे जुकाम कम होगा। गले की खराश या टान्सिल्स की समस्या हो तो ताजे टमाटर, ताजा पालक दोनों को मिक्सर में पीस लें और इसे छानकर इसके रस में गुड़ मिलाकर पिएं। इससे हीमोग्लोबीन भी बढ़ता है।
दूध में हल्दी डालकर पीएं -स्वस्थ रहने के लिए इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि जो आप खा रहे हैं वह प्रकृति और हमारे शरीर की तासीर के अनुरूप हो। यदि प्रकृति के विपरीत आहार लिया जाता है तो विकृति आती है। रोगों से बचाव और उनके नाश के लिए हल्दी बहुत कारगर औषधि है। इसलिए इस दौरान हल्दी का सेवन जरूर करें। सुबह और शाम दोनों वक्त दूध में हल्दी डालकर पीएं। शरीर में गर्मी का दुष्प्रभाव न हो इसलिए छाछ का सेवन भी करें। अपच या गैस की समस्या हो तो पानी में हींग, कालीमिर्च और काला नमक डालकर उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो उसे छानकर पीएं।