सोने में मिला रहे भारी धातुओं का पाउडर, सामान्य जांच में भी पकड़ में नहीं आ रही मिलावट
सोने में मिलावट का ऐसा नया तरीका सामने आया है, जिसकी पहचान सामान्य जांच से करना मुश्किल हो रहा है। सोने में भारी धातुओं का महीन पाउडर मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 12:11:12 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 12:11:12 PM (IST)
गोल्ड पावडर की मिलावट की खबरों ने आम ग्राहकों की दुविधा बढ़ा दी है। - प्रतीकात्मक तस्वीरHighLights
- गलाने पर कम निकल रहा सोना
- दो-तीन साल से सामने आ रहा नया तरीका
- बाजार में इसे गोल्ड पाउडर के नाम से बताया जा रहा है
लोकेश सोलंकी, नईदुनिया, इंदौर : सोने में मिलावट का ऐसा नया तरीका सामने आया है, जिसकी पहचान सामान्य जांच से करना मुश्किल हो रहा है। सोने में भारी धातुओं का महीन पाउडर मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है। बाजार में इसे गोल्ड पाउडर के नाम से बताया जा रहा है।
मिलावट वाला सोना देखने में असली सोने जैसा ही नजर आता है और सामान्य एसिड टेस्ट तथा कसौटी पर जांच में भी इसकी पहचान नहीं हो पा रही है। गहने बनाने के दौरान सोना गलाने और प्रसंस्करण करने पर वास्तविक सोने की मात्रा कम निकलने से इस गड़बड़ी का पता चल रहा है।
इंदौर सराफा में गहने बनाने वाले कुछ कारीगरों ने इस तरह की परेशानी की शिकायत व्यापारियों से की थी। इसके बाद इंदौर चांदी-सोना-जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने सोमवार शाम आपात बैठक बुलाई। इसमें बुलियन व्यापारियों और दलालों को सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दो-तीन साल से सामने आ रहा नया तरीका
- सराफा कारोबारियों के अनुसार, पिछले दो-तीन वर्षों से सोने में रुथेनियम, इरिडियम और आस्मियम जैसी भारी धातुओं की मिलावट की शिकायतें सामने आ रही हैं।
- इनका घनत्व सोने से अधिक होने के कारण थोड़ी मात्रा मिलाने पर भी वजन बढ़ जाता है। सामान्य एसिड टेस्ट, कसौटी और पुरानी कैरेट जांच मशीनों से इसकी पहचान मुश्किल होती है।
- गोल्ड पाउडर महाराष्ट्र और बंगाल के रास्ते बाजारों तक पहुंच रहा है। आशंका है कि इसे चीन में तैयार किया जा रहा है। इसकी लागत सोने की कीमत के करीब दस प्रतिशत कम बताई जा रही है।
- ऐसी मिलावट पकड़ने के लिए एक्स-रे फ्लोरेसेंस (एक्सआरएफ) और इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीकों की जरूरत है।
99.50 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के कारोबार को ही मान्यता दी जाएगी
कारीगरों से सोने की गुणवत्ता को लेकर कुछ मौखिक शिकायतें मिली थीं। इसके बाद बुलियन व्यापारी एसोसिएशन और दलाल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। निर्णय लिया गया कि 99.50 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के कारोबार को ही मान्यता दी जाएगी। मिलावट की शिकायत मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और व्यापार प्रतिबंध लगाया जाएगा। - अविनाश शास्त्री, सराफा व्यापारी एसोसिएशन