
Hello Naidunia: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर में वर्तमान में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी आता है। 47 घंटे से ज्यादा समय तक पाइप लाइन खाली रहती है। इस कारण पाइप लाइन में निर्वात (वैक्यूम) बन जाता है। अगर पाइप लाइन में छोटा सा भी रिसाव होगा, तो वह तेजी से बाहर की गंदगी को भीतर की ओर खींचता है। पाइप लाइन के पास से कोई सीवरेज लाइन जा रही है, जिसमें रिसाव है तो जल वितरण लाइन में गंदगी मिलने की आशंका बढ़ जाती है। कई जगह कम दबाव से पानी मिलने की शिकायत भी आती है। शिकायत मिलने पर अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं और समस्या के समाधान का प्रयास करते हैं। यह भी देखने में आता है कि कई बार लोग निजी और गैर पंजीकृत प्लंबर से नल संयोजन करवा लेते हैं। यह सही नहीं है। ऐसे में पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाने की आशंका रहती है। इसलिए पंजीकृत प्लंबर से ही काम करवाएं।
यह बात नर्मदा प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने कही। वे मंगलवार को नईदुनिया के साप्ताहिक आयोजन हेलो नईदुनिया में पाठकों के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 70 किमी दूर से पानी लाकर जनता को उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसलिए इसका दुरुपयोग नहीं करें। वर्ष 2010 से जलकर की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। निगम प्रति एक हजार लीटर पानी को इंदौर तक लाने में करीब 28 रुपये खर्च कर रहा है, जबकि नागरिकों को यह सिर्फ 21 रुपये प्रति एक हजार की दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह स्थिति भी वहां है, जहां पानी के मीटर लगे हैं। जो लोग बिना मीटर के 200 रुपये प्रतिमाह की दर से पानी भर रहे हैं, उनके लिए तो यह दर बहुत ही कम है।
प्रश्न - वर्षाकाल में गंदे पानी की समस्या सिर उठाने लगती है। समस्या हो ही नहीं, इसके लिए निगम क्या तैयारी कर रहा है? - रामबहादुर अग्रवाल
उत्तर - नगर निगम तीन महीने पहले से तैयारी में जुट जाता है। स्टार्म वाटर लाइन, सीवरेज लाइन आदि का काम शुरू हो जाता है। हम रिसाव पर भी नजर रखते हैं। नालों की सफाई का काम भी चल रहा है ताकि वर्षा का जल कहीं भी जमा नहीं हो।
प्रश्न - फूटी कोठी चौराहे पर पुल निर्माण की वजह से नलों में गंदा पानी आ रहा है। पुल के निर्माण में तो लंबा समय लगेगा। नागरिक क्या करें? - अनिल कवचाले
उत्तर - नगर निगम की टीम क्षेत्र में जांच करेगी। कहीं भी जल वितरण लाइन नहीं फूटे, इसका ध्यान रखा जाएगा। एक-दो दिन में टीम क्षेत्र में पहुंच जाएगी।
प्रश्न - पाटनीपुरा क्षेत्र में लंबे समय से गंदा और मटमैला पानी आ रहा है। - प्रेमविजय पाटिल
उत्तर - निश्चित ही आपकी समस्या सही है। हम इसकी जांच करवाएंगे। हो सकता है कि कहीं सीवरेज की लाइन जल वितरण की लाइन में मिल रही हो।
प्रश्न - एक माह में 15 दिन पानी मिलता है। उसमें भी छह-सात दिन ऐसे रहते हैं, जब प्रवाह से नहीं मिलता। लाइनमैन का कहना है कि राजेंद्र नगर टंकी से ही दबाव कम है। हम क्या करें? - अरुण दशोरा, सच्चिदानंद नगर
उत्तर - राजेंद्र नगर टंकी से कम दबाव से पानी की आपूर्ति का प्रश्न ही नहीं। आपकी समस्या दर्ज कर ली गई है। समाधान किया जाएगा।
प्रश्न - 20 साल से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। निगम कर्मचारियों का कहना है कि चैंबर धंसा हुआ है। क्या करें? - रमेशचंद्र कैलोद, स्कीम 74
उत्तर - आपकी समस्या गंभीर है। मैं खुद मौके पर आकर देखूंगा। अगर चैंबर धंसा हुआ है तो उसे सुधारना भी हमारा ही काम है।
प्रश्न - करीब दो माह से गंदा पानी आ रहा है। नई लाइन तो डाल दी गई, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। पुरानी लाइन से बदबूदार पानी आ रहा है। - राजेंद्र शर्मा, स्कीम 71 सेक्टर एके
उत्तर - नई लाइन का काम पूरा हो गया है। दो सप्ताह के भीतर नई लाइन को चालू कर देंगे।
प्रश्न - सड़क निर्माण के कारण घरों में अस्थायी संयोजन दिया गया है, लेकिन इसमें भी पानी नहीं आ रहा। - नवरतन पाराशर, सीतलामाता बाजार
उत्तर - आपकी समस्या दर्ज कर ली गई है। हम खुद मौके पर निरीक्षण कर पता लगाएंगे कि ऐसा क्यों हो रहा है? बहुत जल्दी नई लाइन भी शुरू कर दी जाएगी।