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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पितृ पर्वत से उज्जैन बायपास तक नया फोरलेन, सिंहस्थ से पहले तैयार होगी इंदौर-उज्जैन की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ में करोड़ों लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इनमें से बड़ी संख्या में लोग इंदौर आकर उज्जैन जाएंगे। ऐसे में सिंहस्थ...और पढ़ें

By Himadri Singh HadaEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Sat, 05 Jul 2025 07:56:44 AM (IST)Updated Date: Sat, 05 Jul 2025 08:07:55 AM (IST)
पितृ पर्वत से उज्जैन बायपास तक नया फोरलेन, सिंहस्थ से पहले तैयार होगी इंदौर-उज्जैन की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए, श्रद्धालुओं और आमजन की सुविधा के लिए इंदौर से उज्जैन के बीच 48 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड फोरलेन रोड प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसके तहत धारा 11 के तहत अधिसूचना जारी कर दी गई है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

पितृ पर्वत के पास से नई सड़क बनाई जाएगी

लंबाई: 48 किमी

चौड़ाई: 60 मीटर

प्रारंभ बिंदु: पितृ पर्वत, हातोद के पास

समाप्ति बिंदु: चिंतामण गणेश, सिंहस्थ बायपास, उज्जैन

जिलों की संख्या: इंदौर के 19 गांव, उज्जैन के 6 गांव

कुल भूमि अधिग्रहण: लगभग 228 हेक्टेयर

निर्माण में शामिल क्षेत्र: सुपर कॉरिडोर, चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजुरिया, हातोद

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क्या है धारा 11?

धारा 11 (भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत) के अंतर्गत किसी प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन की पहचान की जाती है। इसके बाद धारा 19 के तहत खसरा नंबर और दस्तावेज सार्वजनिक किए जाते हैं और अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया पूरी होती है।


प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति-

  • सर्वे कार्य चल रहा है।
  • जल संरचनाओं, पेड़ों, निर्माण आदि का डाटा संग्रह किया जा रहा है।
  • डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) वर्षा ऋतु में तैयार की जाएगी।
  • अगस्त तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी।
  • टेंडर प्रक्रिया भी मॉनसून के दौरान पूरी करने की योजना।

इस सड़क से क्या फायदे होंगे?

  • इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन 30 मिनट में पहुंचना संभव।
  • वर्तमान इंदौर-उज्जैन हाईवे पर ट्रैफिक कम होगा।
  • पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
  • श्रद्धालुओं के लिए सिंहस्थ महापर्व के दौरान आसान व सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।
  • स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इंदौर की लॉजिस्टिक क्षमता को बल मिलेगा।