• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अवैध निर्माण के खिलाफ दायर याचिका में गृह निर्माण संस्था भी बनी पक्षकार

आवेदन में कोर्ट को बताया गया है कि भवन की शिकायत संस्था द्वारा ही की गई थी, इसलिए उसे भी सुना जाना चाहिए। संस्था ने कहा है कि कंपाउंडिंग के नियम को चु...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 11:45:24 AM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 11:50:53 AM (IST)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अवैध निर्माण के खिलाफ दायर याचिका में गृह निर्माण संस्था भी बनी पक्षकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ। फाइल फोटो

HighLights

  1. याचिका केसरबाग रोड स्थित नेमानगर में बन रहे भवन को लेकर स्वामी कल्पना सेतपाल ने दायर की
  2. आवेदन में कोर्ट को बताया गया है कि भवन की शिकायत संस्था द्वारा ही की गई थी, इसलिए उसे भी सुना जाए
  3. यह आवासीय कॉलोनी है, जहां प्लाट को पहले अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निर्माण कराया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भवन के अवैध हिस्से को नियमित करने के लिए शासन द्वारा शुरू की गई कंपाउंडिंग योजना को लेकर नया पेच सामने आ गया है। इस योजना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका में अब कालोनी बसाने वाली गृह निर्माण संस्था भी पक्षकार बनेगी। याचिका की सुनवाई के दौरान संस्था की ओर से प्रस्तुत हस्तक्षेप आवेदन को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

संस्था का कहना है कि भवन में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत उसी ने की थी, ऐसे में उसे सुने बिना फैसला दिया जाना गलत होगा। कोर्ट ने शासन और निगम को एक अक्टूबर से पहले जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।


हाईकोर्ट में इस मामले में दो जनहित याचिकाएं लंबित हैं, जो कल्पना सेतपाल और वर्षा गुरनानी ने दायर की हैं। दोनों याचिकाओं में राज्य शासन द्वारा भवनों के अवैध हिस्से को नियमित करने के लिए लाए गए कंपाउंडिंग नियमों को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2022 में शासन द्वारा लाए गए नियमों में भवन के ऊपरी हिस्से में किए गए निर्माण को कंपाउंडिंग में शामिल नहीं किया गया, जो गलत है।

गृह निर्माण संस्था ने हस्तक्षेप आवेदन दिया

एक याचिका केसरबाग रोड स्थित नेमानगर में बन रहे भवन को लेकर स्वामी कल्पना सेतपाल ने दायर की है। इस पर नेमानगर गृह निर्माण संस्था ने हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में कोर्ट को बताया गया है कि भवन की शिकायत संस्था द्वारा ही की गई थी, इसलिए उसे भी सुना जाना चाहिए। संस्था ने कहा है कि कंपाउंडिंग के नियम को चुनौती देना ही गलत है।

यह आवासीय कॉलोनी है, जहां प्लाट को पहले अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निर्माण कराया गया, लेकिन बाद में एक साथ मिलाकर नया नक्शा पास करवाकर भवन बनाया जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को होगी।

यह भी पढ़ें- घर में जबरन घुसने, गाली देने, धमकाने का था आरोप, हाईकोर्ट ने दिया यह आदेश