
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पत्नी द्वारा आत्महत्या करने पर फंसा उसका पति अपनी बेगुनाही साबित करने में जुटा है। मंगलवार को वह देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से मृत पत्नी की उत्तरपुस्तिका मांगने पहुंचा। कुलपति और अधिकारियों के पूछने पर पति ने सुसाइट नोट से उत्तरपुस्तिका की हैंडराइटिंग का मिलाने की बात कही। गोपनीय दस्तावेज होने के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने देने से मना कर दिया। उसे कहा गया कि कॉपी सिर्फ कोर्ट या पुलिस को सौंपी जाएगी।
कोमल भोई का रवि सोलंकी से 2014 में विवाह हुआ था। कोमल को 8 अप्रैल 2017 को जहरीला पदार्थ खाने के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया था। 9 अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी। उसने सुसाइड नोट छोड़ा था। वह न्यू जीडीसी से बीए कर रही थी। पति रवि ने आवेदन में कहा कि पत्नी के मायके वालों की शिकायत पर बाणगंगा पुलिस ने घटना के तीन महीने बाद मेरे, मां और मामा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान करवाने के लिए पत्नी की बीए इंग्लिश की उत्तरपुस्तिका चाहिए।
पत्नी ने आखिरी परीक्षा नवंबर 2016 में दी थी। पति का कहना है कि झूठे केस में परिवार को फंसाया जा रहा है। कुलपति डॉ. नरेंद्र धाकड़ ने कहा कि कॉपी किसी को उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती है, क्योंकि विवि के लिए वह गोपनीय दस्तावेज है। वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी और डिप्टी रजिस्ट्रार प्रज्ज्वल खरे ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर कॉपी दी जा सकेगी। कारण यह है कि प्रकरण के दौरान विवि के अधिकारियों को कोर्ट में बयान देना होता है। पुलिस अपने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को लेकर आए, तब मूल्यांकन केंद्र पर उन्हें कॉपी दिखाई जाएगी।