आईएएस क्षितिज सिंघल बने इंदौर नगर निगम के नए कमिश्नर, भागीरथपुरा कांड के बाद दिलीप यादव को हटाया गया
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल से हुई दुखद घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश के अन्य स्थानों में ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 03 Jan 2026 11:42:56 AM (IST)Updated Date: Sat, 03 Jan 2026 01:40:57 PM (IST)
आईएएस क्षितिज सिंघलHighLights
- क्षितिज सिंघल वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं
- अभी वे मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डायरेक्टर रहे
- आयुक्त दिलीप यादव के साथ दो और अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोगों की मौत के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया है। इनकी जगह पर अब आईएएस क्षितिज सिंघल नए आयुक्त बनाए गए हैं। वे वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में सिंघल मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। दिलीप यादव के साथ ही अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और निगम के जल कार्य विभाग में पिछले 12 सालों से जमे प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल से हुई दुखद घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश के अन्य स्थानों में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए समयबद्ध सुधारात्मक कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी 16 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त, जिला कलेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर पूरे प्रदेश की समीक्षा की गई है।
कुछ अच्छा हो तो सम्मान लेने मंच पर ये लगा लेते हैं लाइन...
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भागीरथपुरा में दूषित पानी से पांच दिन में 15 लोगों की मौत के बाद नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हुई। चार दिन पहले लोगों की मौत का जिम्मेदार जोन स्तर के तीन अधिकारियों को बताकर निलंबन व सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई थी। वहीं, जब मौत के आंकड़े बढ़े और पानी की रिपोर्ट में निगम की खामी उजागर हुई, तो निगमायुक्त को हटाया गया और अपर आयुक्त व निगम के जलकार्य विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया।
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सवाल यह उठता है कि जब इंदौर को कोई पुरस्कार या सम्मान मिलता है तो जनप्रतिनिधि मंच पर पहुंच जाते हैं लेकिन जब किसी मामले में सजा देने की बारी आती है तो ये अधिकारियों को आगे कर देते हैं। भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों पर हुई कार्रवाई में भी यही देखने को मिला।