
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। दूषित जल आपूर्ति मामले हुई मौतों के मामले में इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाकर आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को निगम आयुक्त पदस्थ किया है। वे शनिवार रात 11:45 बजे इंदौर पहुंचे और सीधे निगम मुख्यालय जाकर पदभार संभाला। सिंघल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी का कार्यभार संभाल रहे थे। सामान्य प्रशासन विभाग ने दिलीप यादव को हटाने के दूसरे दिन शनिवार को सिंघल को इंदौर नगर निगम का आयुक्त पदस्थ किया है।
इंदौर नगर निगम ने भागीरथपुरा में दूषित पानी के लीकेज को खोजने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। शनिवार से लीकेज खोजने, पानी की सैंपलिंग व जांच के लिए इंदौर नगर निगम में आए तीनों नए अपर आयुक्तों के साथ पहले से मौजूद पांच अपर आयुक्तों को निरीक्षण व निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। भागीरथपुरा की 32 गलियों में 32 उपयंत्री व सहायक यंत्री भी बीट अनुसार सफाई, सैंपलिंग, लीकेज खोजने में जुटे हैं।
नगर निगम की टीम ने 15 स्थानों पर गड्ढे खोदकर पाइप लाइन चेक की। इसमें सात स्थानों पर लीकेज मिला, जिसे दुरस्त किया गया। क्षेत्र में 100 सार्वजनिक व निजी बोरिंग में क्लोरिन डाला गया। शनिवार को भागीरथपुरा पानी की टंकी से जल वितरण नहीं किया गया। क्षेत्र में पानी के टैंकरों से जल वितरित किया गया।
गंदे पानी की समस्या का 48 घंटे में समाधान करें
गंदे पानी की समस्या के त्वरित समाधान के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा तथा निगम के सभी अपर आयुक्तों के साथ बैठक की। बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या की समीक्षा की गई और कार्य विभाजन किया गया। महापौर ने कहा कि कठिन समय में जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।
पूरे शहर में सर्वे कराया जाएगा और जहां-जहां गंदे पानी की समस्या सामने आएगी, वहां 48 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार कार्य वितरण कर तत्काल कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा, अपर आयुक्त अर्थ जैन, अभय राजनगांवकर, आकाश सिंह, मनोज पाठक, नरेंद्र नाथ पांडे, देवघर दरवाई तथा कार्यपालन यंत्री अश्विनी जनवदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।