
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के मांगलिया स्थित ऋषि तीर्थ जैन मंदिर से चोरी हुईं तीर्थंकरों- महावीर, आदिनाथ और अरहनाथ की अष्टधातु की मूर्तियों को क्षिप्रा थाना पुलिस ने बरामद कर लिया है। चोर इन तीनों मूर्तियों को सोने-चांदी की समझकर चुरा ले गए थे, लेकिन जब उन्हें अष्टधातु की पाया तो उन्होंने मूर्तियों को एक साथी के घर के आंगन में गाड़ दिया था।
पुलिस ने खोदाई में तीनों मूर्तियां बरामद कर धार जिले के टांडा क्षेत्र से दो चारों को गिरफ्तार किया गया है। गत 15 सितंबर को हुई इस चोरी के मामले में जांच के लिए एसआईटी बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पांच बदमाशों का हुलिया नजर आया।
पुलिस ने क्षिप्रा थाना क्षेत्र स्थित लसूड़िया परमार से संतोष भील को हिरासत में लिया। वह मजदूरी करता है। उसने टांडा के गिरोह के साथ मिलकर मूर्तियां चुराना स्वीकार कर लिया। इसके बाद टीम ने मोहन उर्फ आशिक को पकड़ा तो उसने घटना में शामिल तीन साथियों करण सिंह, अर्जुन डाबर और सूनकेस के नाम भी बताए।
मोहन ने बताया कि पहले लगा था कि मूर्तियां सोना-चांदी की हैं। चोरी के बाद उसने मूर्तियों की परख करवाई, लेकिन वे अष्टधातु की निकलीं। इसके बाद उसने मूर्तियां अर्जुन के घर के आंगन में गाड़ दीं और ऊपर से गोबर लीप दिया, ताकि पुलिस को पता न लग सके। पुलिस तीन अन्य आरोपितों की भी तलाश कर रही है।
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