IIM IIT Indore: व्यावहारिक कौशल सिखाएंगे इंदौर के आइआइएम व आइआइटी
IIM IIT Indore: दोनों शीर्ष संस्थानों में एमएसडीएसएम के तीसरे बैच की हुई शुरुआत। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 09 Aug 2023 08:40:10 AM (IST)Updated Date: Wed, 09 Aug 2023 08:40:10 AM (IST)
आइआइएम और आइआइटी इंदौर में डेटा साइंस व मैनेजमेंट की तीसरी बैच की शुरुआत।HighLights
- डेटा साइंस व मैनेजमेंट कौशल पाठ्यक्रम से जुड़े 14 राज्यों के 81 प्रतिभागी।
- मास्टर इन डेटा साइंस एंड मैनेजमेंट (एमएसडीएसएम) कोर्स के तीसरे बैच की शुरुआत।
- तीसरे बैच में 53 पुरुष और 28 महिला प्रतिभागी शामिल हैं।
IIM IIT Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) इंदौर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) इंदौर ने मास्टर इन डेटा साइंस एंड मैनेजमेंट (एमएसडीएसएम) कोर्स के तीसरे बैच की शुरुआत कर दी है।
आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि वास्तविक दुनिया की जरूरतों के साथ तालमेल बैठाने की यह प्रतिबद्धता सुनिश्चित करती है कि प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान मिले बल्कि व्यावहारिक कौशल भी हासिल हो। यह कौशल उन्हें उद्योग और वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता दिलाएगा।
आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. राय ने यह बात मास्टर इन डेटा साइंस एंड मैनेजमेंट (एमएसडीएसएम) कोर्स की शुरुआत के अवसर पर कही। इसी तरह,
आइआइटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने कहा कि यह कार्यक्रम डेटा एनालिटिक्स और प्रबंधन का मिश्रण है, जो विद्यार्थियों की समझ को विस्तृत करने और जिज्ञासा को शांत करते हुए सभी सवालों के जवाब देने के लिए बनाया गया है। जब विद्यार्थी अलग-अलग क्षेत्रों से आए अपने सहपाठियों और फैकल्टी के साथ चर्चा करेंगे, तो उन्हें एक अंतर्दृष्टि प्राप्त होगी, जो सीखने की यात्रा को समृद्ध करेगी।
एमएसडीएसएम के तीसरे बैच में 53 पुरुष और 28 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। इनमें 6.2 प्रतिशत गैर-इंजीनियर और 93.8 प्रतिशत इंजीनियर हैं। ये सभी 26 वर्ष की औसत आयु के साथ 35 महीने के औसत कार्य अनुभव के साथ आए हैं। इस बैच के प्रतिभागी महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तराखंड, केरल, हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बंगाल और मध्य प्रदेश सहित 14 राज्यों से हैं। आयोजन में कार्यक्रम समन्वयक आइआइएमए इंदौर के प्रो. अमित वत्स और आइआइटी इंदौर के प्रो. परिमलकर भी मौजूद थे।