IIM Indore: आइआइएम इंदौर से 802 छात्रों ने हासिल की डिग्री, 12 छात्रों को गोल्ड
डिग्री पाकर खिले चेहरे, भविष्य की नई डगर पर बढ़ाए कदम। इस बार डिग्री प्राप्त करने वालों में छात्राओं की 49 और छात्रों की संख्या 14 बढ़ी है। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 07:58:15 AM (IST)Updated Date: Mon, 01 Apr 2024 11:47:34 AM (IST)
आइआइएम इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए गए।HighLights
- भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर में रविवार शाम 25वां वार्षिक दीक्षा समारोह आयोजित किया गया।
- आइआइएम इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए गए।
- इस बार संस्थान द्वारा 802 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जिसमें 281 छात्राएं और 521 छात्र शामिल रहे।
IIM Indore नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) इंदौर में रविवार शाम 25वां वार्षिक दीक्षा समारोह आयोजित किया गया। इस बार संस्थान द्वारा 802 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जिसमें 281 छात्राएं और 521 छात्र शामिल रहे। पिछली बार डिग्री प्राप्त करने वालों की संख्या 739 थी, जिसमें 235 छात्राएं और 507 छात्र थे। इसके मुकाबले इस बार डिग्री प्राप्त करने वालों में छात्राओं की 49 और छात्रों की संख्या 14 बढ़ी है। डिग्री पाकर भविष्य की नई डगर पर कदम बढ़ाते हुए विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान मौजूद उनके माता-पिता के चेहरे भी खुशी से चमक उठे।
आइआइएम इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में जिन विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए गए उनमें पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट-पीजीपी, पीजी प्रोग्राम इन एचआर मैनेजमेंट पीजीपी-एचआरएम, 5 ईयर इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट-आइपीएम, एक्जीक्यूटिव पीजी प्रोग्राम इन मैनेजमेंट-ईपीजीपी, पीजी इन मैनेजमेंट फार वर्किंग एक्जीक्यूटिव-पीजीपीएमएक्स कोर्स, डाक्टोरल प्रोग्राम इन मैनेजमेंट और एग्जीक्यूटिव डाक्टोरल प्रोग्राम इन मैनेजमेंट के छात्र शामिल थे। इसके अलावा 12 छात्रों को 13 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसमें आइपीएम कोर्स की स्वर्णिमा आनंद टाप पर रहीं और अच्छे प्रदर्शन के लिए दो गोल्ड मेडल प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि मार्गन स्टेनली इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रिधम देसाई ने अपने दीक्षा भाषण में कहा कि आने वाले समय में कई क्षेत्रों में करियर के अवसर मिलेंगे। अब भारत की ओर दुनिया की नजर है। अब लोगों का ध्यान चाइना से हटकर भारत पर है। एपल कंपनी भी अपनी इंडस्ट्री भारत में शुरू करने जा रही है। ऐसे में भारत के विद्यार्थियों को भारत में ही नौकरी के अच्छे अवसर मिलेंगे। इसके लिए आप सुनिश्चित करें कि आप जुनून, दृढ़ता और आगे आने वाली परिवर्तनकारी संभावनाओं पर सकारात्मक नजर रखें और आगे बढ़ें।
स्वागत भाषण में आइआइएम इंदौर के बोर्ड आफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एमएम मुरुगप्पन ने छात्रों से कहा कि भारत और दुनिया की भलाई में योगदान करने के लिए अपनी सीख, शिक्षा और नेतृत्व कौशल का लाभ उठाएं और इस दुनिया को बेहतर बनाने की ओर निरंतर प्रयास करते रहें।
आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि आने वाले समय में हम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत कई नए संयुक्त कार्यक्रम प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह शिक्षा के प्रति संस्थान के समर्पण और इसके अंतरराष्ट्रीय पदचिह्न को और भी सुदृढ़ बनाने के प्रयासों को दर्शाता है। आइआइएम इंदौर के पूर्व छात्रों का नेटवर्क अब संयुक्त अरब अमीरात और जीसीसी देशों में 800 सदस्यों को पार कर गया है।
सोशल इम्पैक्ट के लिए करना है कार्य
टापर और अच्छे प्रदर्शन के लिए स्वर्णिमा आनंद को दो गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। स्वर्णिमा ने कहा कि मैं बचपन से जमशेदपुर में रतन टाटा के संस्कारों के बीच पली हूं, वे ही मेरे रोल माडल हैं। मेरे माता पिता टाटा कंपनी में ही कार्यरत हैं और वहीं रहकर मैंने जाना कि एक अच्छी कंपनी कैसे समाज में परिवर्तन ला सकती है। इसीलिए मैं भी अपने जीवन में सोशल इम्पैक्ट के क्षेत्र में बिजनेस कंसल्टिंग करना चाहती हूं।
मैनेजमेंट कंसल्टिंग में बनाना है करियर
पीजीपी में पहली रैंक प्राप्त करने वाले छात्र मेरुल शाह को गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं अपना करियर मैनेजमेंट कंसल्टिंग में शुरू करने वाला हूं। फिलहाल कंपनी में रहकर सीखना है और आगे चलकर मौका मिला तो आंत्रप्रेन्योरशिप की तरफ भी जा सकता हूं। मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी लेकिन मेरा इंटरेस्ट नान टेक्निकल फील्ड में लग रहा था इसलिए आइआइएम के लिए प्रयास किया। पिता रितेश शाह और माता हेतल शाह ने कहा कि बचपन से मेरुल पढ़ने में काफी अच्छा रहा। दसवीं में टापर रहा। आज उसे गोल्ड मेडल प्राप्त करते हुए देखना हमारे लिए बहुत प्रसन्नता की बात है।
स्टार्टअप की मदद करना चाहती हूं
पीजीपी एचआरएम टापर शिखा गुणवाल ने कहा कि आइआइएम इंदौर से मैंने ह्यूमन रिसोर्सेज में डिग्री ली है और आगे जाकर मैं खुद की एचआर कंसल्टिंग फर्म खोलना चाहती हूं। मैं स्टार्टअप की मदद करना चाहती हूं जिससे वो एनालिटिक्स की मदद से आसानी से अलग-अलग चीजों को मैनेज कर सकें। मैं मूलतः गुड़गांव से हूं और मेरा प्लेसमेंट भी डेलाइट के गुड़गांव आफिस में हुआ है।