IIT Indore: नए क्षेत्रों के अवसरों को पहचान रहा आइआइटी इंदौर, बायोमेडिकल क्षेत्र में शुरू हुआ एमटेक
IIT Indore: ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इन इंजीनियरिंग के स्कोर कार्ड के आधार पर दो वर्ष के मास्टर कोर्स में प्रवेश मिलेगा। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Fri, 28 Apr 2023 12:42:24 PM (IST)Updated Date: Fri, 28 Apr 2023 12:42:24 PM (IST)

IIT Indore: गजेन्द्र विश्वकर्मा, इंदौर। कोरोना महामारी के बाद दुनियाभर में मेडिकल क्षेत्र में विशेषज्ञों की जरूरत बढ़ गई है। इसमें डाक्टर के साथ ही दवाईयाें और वैक्सीन पर कार्य करने वाले विशेषज्ञों की भी तलाश तेज हो गई है। इस क्षेत्र में कार्य करने के मामले में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) इंदौर सबसे तेजी से कार्य कर रहा है। आइआइटी इंदौर ने हाल ही में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग इन एमटेक कोर्स शुरू किया है। इसके तहत प्रतिभागियों को बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की सभी बारिकियां कोर्स में बताई जाएगी।
IIT Indore: 2023-24 में आइआइटी इंदौर में विभिन्न बीटेक और एमटेक के नए कोर्स में बढ़ी 200 से ज्यादा सीटें
दो साल के कोर्स में प्रवेश ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) से होगा। कोर्स में सामान्य फिजियोलाजी, बायो मेटेरियल्स एंड बायो नैनो बायोटेक्नोलाजी, जैव प्रौद्योगिकी, बायो इलेक्ट्रानिक्स एवं बायोमेडिकल सेंसर, टिशू इंजीनियरिंग एवं पुनर्योजी चिकित्सा, एक्सप्रेरिमेंटल टेक्निक्स, लेबोरेट्ररी, बायोमेडिकल इंस्टूमेंटेशन जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इंदौर में इसके पहले बायो मेडिकल इंजीनियरिंग में बैचलर आफ इंजीनियरिंग केवल श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान एसजीएसआइटीएस में हुआ करती थी, लेकिन अब आइआइटी में इससे आगे की पढ़ाई के लिए एमटेक कोर्स शुरू हो जाने से प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले विद्यार्थियों को बाहर के संस्थानों में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। आइआइटी इंदौर ने इसके अलावा भी कई कोर्स शुरू किए हैं जो इंदौर के लिए नए हैं।
आइआइटी के पास मौजूद है आधुनिक संसाधन
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में एमटेक आइआइटी बाम्बे, आइआइटी मद्रास, आइआइटी दिल्ली और आइआइटी खड़गपुर में कराया जा रहा था। अब इसमें आइआइटी इंदौर का नाम भी शामिल हो गया है। देश के कई अन्य शिक्षण संस्थानों में भी इसे कराया जा रहा है। आइआइटी इंदौर के बायोसाइंसेस एवं बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डा. हेमचंद्र झा का कहना है कि दुनियाभर में बायोमेडिकल इंजीनियर की जरूरत है। इस क्षेत्र में पहले तक विदेशों में काफी काम होता रहा है, लेकिन इसमें अब भारत में भी तेजी से काम हो रहा है। इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की जरूरत को देखते हुए बायोमेडिकल क्षेत्र में एमटेक कोर्स की शुरुआत की गई है। आइआइटी इंदौर के पास इस क्षेत्र के सभी आधुनिक संसाधन मौजूद होने से भविष्य में बेहतर विशेषज्ञ तैयार हो सकेंगे।
सभी लेटेस्ट कोर्स की हुई शुरुआत
केमिकल इंजीनियरिंग, मैथ्स और कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान विषयों में भी आइआइटी इंदौर ने बीटेक कोर्स शुरू किए हैं। नए एमटेक कोर्स में बायोमेडिकल के अलावा कंप्यूटर विज्ञान, एप्लाइड आप्टिक्स, लेजर टेक्नोलाजी, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग और डिफेंस टेक्नोलाजी शामिल है। 2023-2024 में आइआइटी इंदौर ने नए बीटेक कोर्स के लिए 120 सीट रखी है जबकि एमटेक कोर्सेस के लिए 75 सीटों पर प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा स्पेस इंजीनियरिंग, थर्मल एनर्जी सिस्टम और इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलाजी में भी संस्थान ने हाल ही में शिक्षा देना शुरू किया है।
इसमें इतने कोर्स कर रहा संस्थान
- नौ क्षेत्रों में बीटेक कोर्स
- एमटेक के 15 कोर्स
- पीएचडी 12 से ज्यादा विषयों में
- एमएस रिसर्च में छह कोर्स
- डाक्टर आफ फिलासफी में 16 कोर्स