
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सड़क पर होने वाले हादसों और मौतों की संख्या को कम करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने इंदौर में मंगलवार को समीक्षा की थी। इसमें उन्होंने हादसों में होने वाली मौत का विश्लेषण मांगा था।
इस विश्लेषण में सामने आया कि बीते छह वर्षो में शहरी क्षेत्र में हुए 18189 हादसों में 16661 हादसे ओवर स्पीडिंग के थे। वहीं ओवर स्पीडिंग में हुए हादसों में 1277 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि दो लोगों की जान ड्रंक एंड ड्राइविंग से गई और दो लोगों की जान रेड लाइट में सड़क पार करने के दौरान हुई। 123 मौतें अन्य कारणों से हुई है।
दरअसल सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आया कि पूरे जिले में 25598 सड़क हादसे हुए और इनमें 3434 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इसमें शहरी सीमा में मौतों की संख्या 1404 रही है।शहरी सीमा में शराब पीकर गाडी चलाने पर होने वाले हादसों की संख्या बीते छह वर्षा में 75 रही और इसमें दो मौतें हुईं।
वहीं रेड लाइट जम्प करने के दौरान 34 हादसे हुए और इसमें दो जाने गई। 1419 हादसे अन्य कारण से हुए और इसमें 123 लाेगों को अपनी जान गवाना पड़ी। शहरी क्षेत्र में हुए कुल हादसों में 287 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और इनको कई दिनों तक हास्पिटल में भर्ती रहना पड़ा।वहीं 14437 लोग मामूली रूप से घायल हुए।
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