इंदौर में हटे 4.5 लाख वोटरों के लिए बड़ा अपडेट, पात्र नाम फिर जुड़ सकेंगे; दोबारा सत्यापन के निर्देश
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची से छूटे और विलोपित मतदाताओं को दोबारा मौका मिलेगा। पात्र पाए जाने पर उनके नाम सूची में जोड़े जाएंगे। अभियान की साप्ताहिक स...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 09:17:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 10:25:58 AM (IST)
इंदौर में हटे 4.5 लाख वोटरों के लिए बड़ा अपडेट। (फाइल फोटो)HighLights
- विलोपित मतदाताओं के मामलों का दोबारा परीक्षण किया जाएगा।
- पात्र मतदाताओं के नाम नियमानुसार सूची में जोड़े जाएंगे।
- छूटे मतदाताओं की पहचान कर सूची तैयार की जाएगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने से छूट गए और विभिन्न कारणों से विलोपित किए गए मतदाताओं को एक और मौका मिलेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश ने शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्वाचक नामावली के निरंतर अद्यतन और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि विलोपित मतदाताओं के प्रकरणों का दोबारा परीक्षण कर पात्र पाए जाने पर उनके नाम नियमानुसार मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।
वीसी में दिए गए छूटे मतदाताओं की पहचान के निर्देश
- वीसी में इंदौर से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं के नाम सूची से छूट गए हैं, उनकी भी पहचान की जाए।
जिन मतदान केंद्रों में बाद में परिवर्तन हुआ है, वहां पुरानी और वर्तमान सूचियों का मिलान कर छूटे हुए पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्म-6 के साथ लगाया जाने वाला घोषणा पत्र केवल एसआईआर के दौरान ही उपयोग था। गैर-एसआईआर अवधि में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1960 के तहत निर्धारित प्रपत्रों का ही इस्तेमाल किया जाएगा। अभियान की होगी साप्ताहिक समीक्षा
बैठक में डीएसई प्रकरणों का तेजी से निराकरण, रिक्त बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर पदों को भरने तथा अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। अभियान की साप्ताहिक समीक्षा होगी और जिला स्तर पर प्रतिदिन की प्रगति की जानकारी ली जाएगी। गौरतलब है कि इंदौर में साढ़े चार लाख के करीब मतदाताओं के नाम हटाए गए थे।एसआइआर के बाद सूची में 24.20 मतदाता शामिल थे।
दो दिन में उपलब्ध कराई जाएगी सूची
- दो दिन के भीतर बीएलओ और बीएलए को छूटे नामों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। एईआरओ को सूची तैयार कराने और ईआरओ को प्रतिदिन इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- नागरिकों की सुविधा के लिए ईआरओ स्तर पर हेल्पडेस्क भी स्थापित किए जाएंगे। यहां मतदाता सूची में नाम जुड़वाने सहित निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी और आवश्यक सहायता मिलेगी। नवीन बसाहटों में भी डोर-टू-डोर सर्वे कर पात्र मतदाताओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी पढ़ें- ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी के करीबी दोस्त ने इंदौर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, साथ में संभालता था काम