
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। निजी ट्रेवल्स के ड्राइवर-हेल्पर और क्लीनर की लापरवाही से महिला सफाई मित्र सुनीता बाली की जान पर बन आई। बीच सड़क पर बस की छत से 75 किलो वजनी पार्सल का बोरा फेंका, जो सुनीता पर गिरा। सुनीता की हालत गंभीर है। डॉक्टर ने कंधा और पसली में फ्रैक्चर बताया है। पुलिस ने प्राणघातक हमले की धारा में केस दर्ज किया है।
डीसीपी जोन-1 नरेंद्र रावत के अनुसार घटना रविवार सुबह राजमोहल्ला की है। हंसचाल ट्रेवल्स की बस से हादसा हुआ है। सुबह करीब सात बजे बस अहमदाबाद से इंदौर आई थी। उसमें सैकड़ों किलो वजनी पार्सल के बोरे भरे हुए थे।
ड्राइवर आकाश भाभर ने बस बीच सड़क पर रोक दी और हेल्पर संजय कछावा व क्लीनर तुषार भाभर पार्सल उतारने लगे। पुलिस के अनुसार बस को जब्त कर लिया गया है। बस संचालक, मालिक की भूमिका की जांच की जा रही है। दोनों को भी आरोपी बनाया जा सकता है। घटना के बाद निगमकर्मी भी पहुंच गए।
वार्ड क्रमांक-69 की सफाई मित्र (मस्टरकर्मी) सुनीता बाली सफाई कार्य कर रही थी। उसने बस हटाने और रुक कर पार्सल उतारने का कहा लेकिन आरोपित अनसुना कर छत से पार्सल फेंकते रहे। एक पार्सल सुनीता पर आकर गिर गया और वह दब गई। एसीपी के अनुसार पार्सल का बोरा करीब 75 किलो वजनी था।
सुनीता का पति संजू बाली भी थोड़ी दूरी पर काम कर रहा था। चीख सुनकर आया तो देखा सुनीता के कंधा नहीं उठ रहा है। राहगीरों की मदद से सुनीता को अस्पताल भिजवाया और निगम अफसरों को घटना की सूचना दी।
एसीपी विवेकसिंह चौहान के अनुसार संजू बाली के कथनों के आधार पर आकाश भाभर (चालक), तुषार (क्लीनर) और संजय कछावा के खिलाफ प्राणघातक हमले की धारा में कायमी की है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया है।