
इंदौर। कानूनी विवाद में उलझी आईडीए की आवासीय स्कीम-171 और मजदूर पंचायत गृह निर्माण संस्था की जमीन पर बना भूमाफिया बॉबी छाबड़ा का दफ्तर मंगलवार को प्रशासन और नगर निगम के दल ने ध्वस्त कर दिया। बॉबी के खिलाफ यह मामूली, लेकिन ऑपरेशन क्लीन के तहत पहली कार्रवाई है। इस जमीन का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद बॉबी ने यहां कब्जा कर कार्यालय बना लिया था। जिला प्रशासन बॉबी से जुड़ी गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के मामलों की पड़ताल कर रहा है। बॉबी द्वारा जिन संस्थाओं में जमीन, भूखंड, सदस्यता और नक्शों की हेराफेरी की गई है, उनके दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। मंगलवार शाम करीब चार बजे एसडीएम शाश्वत शर्मा और एसडीएम सोहन कनाश निगम की टीम के साथ दफ्तर तोड़ने पहुंचे।
यहां पूरी जमीन खाली पड़ी है, लेकिन एक जगह कार्यालय बना हुआ था। शेडनुमा कार्यालय को कुछ ही मिनट में बुलडोजर से तोड़ दिया गया। कार्यालय में एक अलमारी, कूलर और बेकार सामान पड़ा था। बॉबी का मैनेजर संदीप रमानी इस दफ्तार में आकर भी भूखंडों की खरीदी-बिक्री करता था। आसपास के कुछ प्रॉपर्टी ब्रोकर उससे जुड़े थे। रमानी उनके साथ मिलकर भी प्रॉपर्टी का लेनदेन करता था। यह सब बॉबी के इशारे पर होता था। भू-माफिया बॉबी के कब्जे वाली जागृति गृह निर्माण सहकारी संस्था का राजगृही कॉलोनी में भी विशाल कार्यालय भवन था।
मंगलवार को पीपल्याहाना क्षेत्र स्थित इस भवन को भी प्रशासन और निगम की टीम ने ध्वस्त कर दिया। एसडीएम शाश्वत शर्मा ने बताया कि संस्था की जमीन पर अवैध कब्जा करके यह भवन बनाया गया था। कार्रवाई के दौरान सहकारिता उपायुक्त राजेश क्षत्री भी मौजूद थे। उन्होंने ही संस्था की जमीन चिन्हित कर इस भवन के अवैध कब्जे के बारे में बताया। भवन में अलमारियां, सोफे सहित अन्य फर्नीचर रखा था। इसमें बॉबी ने देखभाल के लिए कुछ कर्मचारियों को भी रखा हुआ था। प्रशासन ने इन्हें भी वहां से हटा दिया।