नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर(Indore BRTS)। इंदौर में एबी रोड पर टेंपो और नगरसेवा से निजात दिलाने के साथ ही अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) ने 2013 में बीआरटीएस पर आइ-बसों का संचालन शुरू किया गया था।
थोड़े समय ही ये बसें नौकरीपेशा और विद्यार्थियों के बीच प्रसिद्ध हो गई। प्रतिदिन 12 हजार यात्रियों के सफर के साथ शुरू हुई आई-बस में वर्तमान में प्रतिदिन 55 हजार से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। डीजल बसों का सफर अब ईवी आइ-बस तक पहुंच गया है। हर दिन 59 बसें 800 से अधिक फेरे लगा रही हैं।
वर्तमान में बीआरटीएस पर 30 ईवी बसें और 29 सीएनजी बसों का संचालन हो रहा है। हर एक बस 14-15 फेरे लगा रही है। 2013 में जब बीआरटीएस पर बसों का संचालन शुरू हुआ था, तब सबसे बड़ी समस्या राजस्व को लेकर ही थी, क्योंकि इंदौर को छोड़ देश के अधिकांश बीआरटीएस को केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है, जो करोड़ों रुपये में होती है।
वहीं एआईसीटीएसएल इंदौर का बीआरटीएस खुद ही रन कर रहा था। हर माह टिकट से करीब दो करोड़ 40 लाख रुपये और विज्ञापन से सालाना करीब 12 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। इसमें बस, रेलिंग, स्टाप आदि पर प्रदर्शित विज्ञापन की आय शामिल है। इंदौर का बीआरटीएस माडल देखने के लिए अन्य प्रदेशों के अलावा यूके, यूएसए, स्पेन, ब्राजील, जर्मनी, यूक्रेन, टर्की के प्रतिनिधि भी आ चुके हैं।
2013 में डीजल बसों के साथ बीआरटीएस शुरू किया गया था। इसके कुछ वर्ष बाद डीजल बसों को हटाकर सीएनजी बसों का संचालन शुरू किया गया। गत वर्ष 30 सीएनजी हटाकर 30 ईवी बसों का संचालन शुरू किया गया। एआइसीटीएसएल की मंशा थी कि इस वर्ष बीआरटीएस को पूरी तरह से ग्रीन कॉरिडोर बना दिया जाएगा।
11.45 किमी लंबा बीआरटीएस पहले ही 10.9 किमी का रह गया है। कुछ माह पहले फ्लाईओवर निर्माण के चलते देवास नाका और उत्सव चौराहा स्थित बस स्टाप बंद किया जा चुका है। वर्तमान में आई-बस राजीव गांधी चौराहे से स्कीम-78 तक संचालित हो रही है।
हाई कोर्ट के निर्देश के बीआरटीएस को तोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। वर्तमान में कारिडोर पूरा करने में बस को 40 मिनट का समय लगता है, लेकिन आइ-बसों का मिक्स लेन में संचालन होने पर 15 मिनट का अतिरिक्त समय लगेगा। इसके साथ ही सड़क किनारे नए बस स्टाप भी बनाने होंगे।