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Indore News: दो माह में मंजूर 400 नक्शों की जांच शुरू, निजी इंजीनियरों पर निगरानी

इंदौर नगर निगम ने पिछले दो महीनों में मंजूर 400 नक्शों की जांच शुरू की है। शिकायतों के बाद डीएंड अप्रूवल व्यवस्था के तहत संभावित अनियमितताओं की पड़ताल...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 12:23:04 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 12:23:04 PM (IST)
Indore News: दो माह में मंजूर 400 नक्शों की जांच शुरू, निजी इंजीनियरों पर निगरानी
इंदौर नगर निगम करेगा नक्शों की जांच। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दो महीने में मंजूर 400 नक्शों की जांच शुरू।
  2. डीएंड अप्रूवल व्यवस्था में अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं।
  3. निजी इंजीनियरों पर नियम उल्लंघन के आरोप लगे।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में भवन निर्माण के लिए लागू ड्रॉइंग एंड अप्रूवल व्यवस्था के तहत मंजूर किए गए करीब 400 नक्शों की नगर निगम ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि कुछ लाइसेंसधारी निजी इंजीनियरों ने नियमों की अनदेखी करते हुए ऐसे क्षेत्रों में भी नक्शे स्वीकृत कर दिए, जहां निर्माण की अनुमति नहीं थी।

मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने पिछले दो महीनों में मंजूर हुए लगभग 400 डीएंड नक्शों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नक्शों की स्वीकृति निर्धारित नियमों के अनुरूप हुई या नहीं और कहीं गलत जानकारी या दस्तावेजों के आधार पर अनुमति तो नहीं दी गई।


नगर निगम ने शहर को 22 जोन में विभाजित कर अलग-अलग टीमों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित निजी इंजीनियरों, आवेदकों और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शुरुआती जांच में मिली गड़बड़ियां

सूत्रों के मुताबिक कुछ शिकायतों के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच में ग्रीन बेल्ट, सड़क आरक्षण, जल निकासी क्षेत्र और अन्य प्रतिबंधित इलाकों में भी नक्शा स्वीकृत किए जाने के संकेत मिले हैं। ऐसे मामलों की विस्तार से जांच की जा रही है।

निजी इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल

निगम अधिकारियों का मानना है कि यदि किसी इंजीनियर ने तथ्य छिपाकर या नियमों की अनदेखी कर नक्शा मंजूर कराया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित लाइसेंस की समीक्षा भी की जा सकती है।

क्या है डीएंड अप्रूवल व्यवस्था?

राज्य सरकार ने वर्ष 2024 में 185 वर्गमीटर (करीब 2000 वर्गफीट) तक के प्लॉटों के लिए डीएंड अप्रूवल प्रणाली लागू की थी। इसके तहत पंजीकृत निजी इंजीनियर भवन नक्शे तैयार कर ऑनलाइन मंजूरी दे सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना था, लेकिन अब बड़ी संख्या में नक्शों की जांच शुरू होने से इसकी पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।