यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indore Chunav 2024: शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा को करना होगी ज्यादा मेहनत
विधानसभा चुनाव में 7.69 प्रतिशत कम मत मिले थे। लोकसभा क्षेत्र इंदौर में कुल 2226 बूथ हैं। इनमें से 590 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इन बूथों को मजबूत करने के लिए भाजपा ने विशेष रणनीति भी तैयार की है।
By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 17 Apr 2024 09:02:08 AM (IST)Updated Date: Wed, 17 Apr 2024 09:02:08 AM (IST)

Indore Chunav 2024: कुलदीप भावसार, इंदौर। शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा को ज्यादा मेहनत करना होगी। लोकसभा क्षेत्र इंदौर के अंतर्गत आठ विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें से पांच शहरी सीटें हैं, जबकि तीन ग्रामीण। चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन सभी आठ सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन उसे शहरी सीटों के मुकाबले ग्रामीण सीटों पर करीब 7.69 प्रतिशत मत कम मिले थे। यही वजह है कि इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दे रही है। लोकसभा क्षेत्र इंदौर में कुल 2226 बूथ हैं। इनमें से 590 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इन बूथों को मजबूत करने के लिए भाजपा ने विशेष रणनीति भी तैयार की है। हालांकि इसका कितना असर होगा यह तो 4 जून को परिणाम घोषित होने के बाद ही तय स्पष्ट होगा।
नवंबर 2023 में हुए
विधानसभा चुनाव में भाजपा को इंदौर के राऊ, सांवेर और देपालपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में कुल 53.36 प्रतिशत मत मिले थे, जबकि कांग्रेस ने इन सीटों पर 37.61 प्रतिशत मत हासिल किए थे। तीनों ही सीटें भाजपा की झोली में तो गईं, लेकिन विश्लेषण बताता है कि इन तीनों ही सीटों पर
भाजपा को शहर की पांच सीटों के मुकाबले कम मत मिले। इंदौर शहर की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा ने 61.05 प्रतिशत मत हासिल किए थे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की तीन सीटों पर सिर्फ 53.36 प्रतिशत।
शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस मजबूत
भाजपा के उलट
कांग्रेस शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा मजबूत हैं। विधानसभा चुनाव में मिले मतों के प्रतिशत से यह सिद्ध भी हो रहा है। उसे विधानसभा चुनाव में शहर की पांचों सीटों पर 36.32 प्रतिशत मत मिले थे, जबकि ग्रामीण क्षेत्र की तीन सीटों पर 37.61 प्रतिशत।
ग्रामीण क्षेत्र को मजबूत करने की कवायद में जूटी पार्टी
भाजपा के रणनीतिकार भी इस बात को स्वीकारते हैं कि शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में पार्टी को ज्यादा काम करने की जरूरत है। यही वजह है कि इस बार पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों तक पैठ बनाने के लिए शक्ति केंद्र, चौपाल जैसे कार्यक्रम लेकर आई है। पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर पिछले चुनाव के मुकाबले 370 मत अधिक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। 370 के इस फार्मूले के लिए पार्टी ने प्रत्येक ग्रामीण बूथ पर कार्यकर्ताओं की विशेष टीम भी गठित कर दी है। ये कार्यकर्ता बूथ के प्रत्येक मतदाता तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने में जूट भी गए हैं।
शहरी क्षेत्र में दो और चार तो ग्रामीण में सांवेर सबसे ज्यादा मजबूत
विधानसभा चुनाव के विश्लेषण से यह बात भी सामने आती है कि भाजपा शहर में इंदौर-2, इंदौर-4 और ग्रामीण क्षेत्र में सांवेर विधानसभा क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। विधानसभा चुनाव में उसे इंदौर-2 में 71.58 प्रतिशत, इंदौर-4 में 68.02 प्रतिशत मत हासिल हुए थे। सांवेर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को 61.61 प्रतिशत मत मिले थे। वहीं देपालपुर विधानसभा क्षेत्र में वह सबसे ज्यादा कमजोर है। यहां से उसे विधानसभा चुनाव में सिर्फ 43.12 प्रतिशत मत मिले थे।
हम इस चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र की सीटों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य विधानसभा चुनाव के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों की सीटों पर ज्यादा मत प्राप्त करने का है। निश्चित ही हम इसमें सफल होंगे। हम ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। शक्ति केंद्रों की बैठकें हो रही हैं। कार्यकर्ता सम्मेलन हो रहे हैं।
-चिंटू वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा